Chehre Pe Bebasi

उनके चेहरे पे, हमने बेबसी देखी है,
मासूम सी आँखों में, बेकसी देखी है!
पहले न थी कभी ऐसी हालत उनकी,
अपने ग़मों में में,डूबी बेकली देखी है !
बहुत ढूँढा मगर न मिला उनसा कोई,
हमने भी शहर की, हर गली देखी है!
हमारे ग़मों को भले ही टाल दे कोई,
मगर औरों के लिए, खलबली देखी है!
न समझना कि कोई फरिश्ता हैं हम,
दोस्तो हमने भी, दिल की लगी देखी है !

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Kaise Kategi Zindagi?

Kaise Kategi Zindagi? hindi shayari status

कैसे कटेगी ज़िन्दगी, यूं उजड़ा चमन लिए हुए,
चेहरे से उड़ती हवाइयां, दिल में रुदन लिए हुए !
ज़रा ठंडा करो इन नफरतों के शोलों को दोस्तो,
वरना न जी सकेगा शहर, इतनी तपन लिए हुए !
अय तितलियों मत जाइये गुलशन में आजकल,
अब उधर तो सिर्फ कांटे हैं, अपनापन लिए हुए !
मैं तो घुसा था इस शहर में खुशियों की तलाश में,
मगर बैठे हैं इधर भी लोग, दिल में टशन लिए हुए !
लगा दी ज़िन्दगी हमने जिसकी ज़िन्दगी के वास्ते,
अब लगा कर घात बैठा है, मेरा कफ़न लिए हुए !
किस किस को सुनाओगे दिल के अफ़साने दोस्त,
यूं कैसे जियोगे तुम इधर, ये मैला सा मन लिए हुए !!!

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Zindagi Ke Safar Mein

ज़रा सी है ये ज़िन्दगी, तक़रार क्या करना !
जब रहना है साथ साथ, तो रार क्या करना !
दुखित है वैसे भी मन, तमाशे देख दुनिया के,
फिर भरे बाज़ार में, तमाशा यार क्या करना !
काट लो खुशियों से, बची है जो ज़िंदगी यारो,
इसके लिए भी यूँही, नख़रे हज़ार क्या करना !
झेली हैं हमने मुश्किलें, वह अपना करम था ,
अपने लिए किसी और को, लाचार क्या करना !
न जीत पाया कोई भी, इन नफरतों के खेल में,
ज़िंदगी के सफर में, किसी पे वार क्या करना !

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Zindagi besura raag ban gayi

ज़िंदगी तो बेसुरा, एक राग बन गयी,
जीने की तमन्ना, अब राख बन गयी !
हम हम न रहे तुम तुम न रहे दोस्त,
वो अधूरी दास्तां, बस याद बन गयी !
#मोहब्बत के चराग बुझ चुके कब के,
वो चाहत अंधेरों की, सौगात बन गयी !
न आएँगी बहारें अब लौट कर कभी,
ज़िन्दगी सूखा हुआ सा, पात बन गयी !
मांगेंगे लोग तो क्या जवाब दोगे दोस्त,
क्यों अच्छी भली बात, बेबात बन गयी !!!

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Hasrat Abhi Baqi Hai

राख हूँ मैं बेशक मगर, फ़ितरत अभी बाक़ी है,
दिखा सकता हूँ जलवे, हिम्मत अभी बाक़ी है!
न समझो कि मैं डर गया दुनिया के अंधेरों से,
यारो चराग़ों के बुझने में, वक़्त अभी बाक़ी है!
न करना किसी से ज़िक्र मेरे बिगड़े हालात का,
दुनिया की नज़र में मेरी, इज़्ज़त अभी बाक़ी है !
न बदली है न बदलूंगा मैं अपनी फ़ितरत यारो,
मेरे दिल के हर कोने में, मोहब्बत अभी बाक़ी है !
सिरफिरा हूँ दोस्तो कि ढूढ़ता हूँ पत्थरों में जान,
उन्हें भी दोस्त बनाने की, हसरत अभी बाक़ी है !!!

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