Ishq Par Agar Shak Ho

Aapki ye nigah meharbaan ho jaye,
Ye zameen bhi aasmaan ho jaye,
Shak ho agar mere #ishq par,
To jab chahe mera imtihan ho jaye!!!

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Dushman Bhi Mureed Hain

शायद अब #दुश्मन भी मुरीद हैं हमारे,
जो वक़्त-बेवक़्त हमारी ही चर्चा किया करते हैं,
छुपा के #खंजर बगल में हमारी गली से गुज़रते हैं,
और मिलने पर सलाम-नमस्ते किया करते हैं।

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Dunia Aajmati Kyun Hai

दुनिया दिल के हौसले, आजमाती क्यों है,
हर किसी मोड़ पर, कांटे बिछाती क्यों है !
ज़िन्दगी का खेल तो खेलते हैं हम मगर,
खेल के क़ानून, ये दुनिया बनाती क्यों है !
हार जाएँ तो बनाती है तमाशा सरेआम,
गर जीत जाएँ तो भी, शोर मचाती क्यों है !
होती है ग़मज़दा देख कर सुख औरों का,
पर ख़ुशी पे औरों की, आंसू बहाती क्यों है !
न समझ पाए ये बात हम आज तक,
कि ये #ज़िंदगी, गैरों पे दिल लुटाती क्यों है !

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Har Chehre Pe Mukhote

हर किसी ने चेहरे पे अब, मुखौटे लगा रखे हैं !
किसी ने मुस्कान, किसी ने ग़म सजा रखे हैं !
अंदर की असलियत भला कैसे जान पाएं हम,
अब लोगों ने अपने दिलों पर, पर्दे लगा रखे हैं !
घूमते हैं भेड़िये अब आदमी की शक्ल में यारो,
उसने #दिल में फितरतों के, तूफ़ान सज़ा रखे हैं !
न रहीं आसान अब ज़िन्दगी की वो राहें,
रोकने के लिए राहों में, अब कांटे बिछा रखे हैं !

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Aisi Hasrat Hai Meri

जमीं पे रह कर, आसमां झुकाने की फितरत है मेरी !
जो न मिल सका किसी को, पाने की हसरत है मेरी !
न चला हूँ मैं अकेला न चलूँगा कभी आगे भी दोस्तो,
ख़ुदाया दुनिया का प्यार, पाने की बस हसरत है मेरी !
ये ज़िन्दगी का सफर तो ग़मों का समन्दर है यारो,
पर इस राह की हर जोखिम, उठाने की आदत है मेरी !
मेरे अहसास को कोई समझे या न समझे ग़म नहीं,
मगर बुझते हुए चरागों को, जलाने की आदत है मेरी !
कोई माने या न माने ये तो दीगर सी बात है,
मगर यूंही हस्र नफरतों का, बताने की फितरत है मेरी !!!

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