Page - 2

Sapne nhi toota karte

Door rehne se rishte nahi toota karte ,
samye ke hath se lamhe nhi shuta karte,
log bolte hain ke mera Sapna toot gya,
tooti neend hai sapne nhi toota karte...

WWW.DESISTATUS.COM

Aadat Badalti Nahi

अपने को अब भाती नहीं, शरारत किसी की,
अब तो समझ आती नहीं, इबारत किसी की !
कोई उठाये भले ही तबालतें उम्र भर यूं ही,
पर बदलती नहीं है दोस्तों, आदत किसी की !
#ज़िन्दगी मिली है तो ज़रा प्यार से जी लो इसे,
फ़िज़ूल में क्यों लेते उधार, अदावत किसी की !
इज़्ज़त है अब उसी की है जिसके पास दौलत,
अब तो न काम आती इधर, शराफत किसी की !
न गुनगुनाइए #दोस्त अब चाहत के वो तराने,
इधर ख़ुदा भी न सुनता अब, इबादत किसी की !!!

WWW.DESISTATUS.COM

Jio Aur Jeene Do

चेहरे की हंसी से गम को भुला दो
कम बोलो पर सब कुछ बता दो
ख़ुद ना रूठो पर सबको हंसा दो
यही राज है #जिन्दगी का
जियो और जीना सिखा दो...
 

WWW.DESISTATUS.COM

Satya ko kehne ke liye

सत्य को कहने के लिए किसी,
शपथ की जरूरत नहीं होती ।
नदियों को बहने के लिए किसी,
पथ की जरूरत नहीं होती ।

जो बढ़ते हैं जमाने में,
अपने मजबूत इरादों के बल,
उन्हें अपनी मंजिल पाने के लिए,
किसी रथ की जरूरत नहीं होती ।

WWW.DESISTATUS.COM

Ajeeb Dunia Kyun Banai

तूने ऐ ख़ुदा, ये अजीब दुनिया क्यों बनाई,
#मोहब्बत बनाई, तो फिर नफ़रत क्यों बनाई !
जब तेरी ही तासीर है हर इंसान में ऐ रब,
तो फिर #दोस्ती बना के, दुश्मनी क्यों बनाई !
सुना है कि तू ही लिखता है मुकद्दर सभी के,
बस इतना बता दे कि, बदनसीबी क्यों बनाई !
जब तेरी ही औलाद है दुनिया का हर #इंसान,
तो फिर तूने, अमीरी और गरीबी क्यों बनाई !
जब तू ही समाया है हर तरफ हर ज़र्रे में रब,
फिर हर चीज़ तूने, अपनी परायी क्यों बनाई !
क्या मज़ा आता है तुझे दुनिया के इस खेल में,
बेइज़्ज़ती बनानी थी, फिर इज़्ज़त क्यों बनाई !
जब मौत ही है आखिरी मंज़िल हम सभी की,
तो फिर भटकने को तूने, ज़िन्दगी क्यों बनाई !

WWW.DESISTATUS.COM