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Aisi Hasrat Hai Meri

जमीं पे रह कर, आसमां झुकाने की फितरत है मेरी !
जो न मिल सका किसी को, पाने की हसरत है मेरी !
न चला हूँ मैं अकेला न चलूँगा कभी आगे भी दोस्तो,
ख़ुदाया दुनिया का प्यार, पाने की बस हसरत है मेरी !
ये ज़िन्दगी का सफर तो ग़मों का समन्दर है यारो,
पर इस राह की हर जोखिम, उठाने की आदत है मेरी !
मेरे अहसास को कोई समझे या न समझे ग़म नहीं,
मगर बुझते हुए चरागों को, जलाने की आदत है मेरी !
कोई माने या न माने ये तो दीगर सी बात है,
मगर यूंही हस्र नफरतों का, बताने की फितरत है मेरी !!!

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Zindagi Mohabbat Ke Sahare

किसी को बेसबब, यूं सताने की कोशिश न करो !
अपनी गलती पे, मुँह छुपाने की कोशिश न करो !
बिता दो ज़िन्दगी बस मोहब्बत के सहारे यारो,
यूं ही झूठे सपनों को, सजाने की कोशिश न करो !
ये ख्वाहिशों के मेले तो न होंगे ख़त्म मरने तक,
जो मिल गया है, उसे गवाने की कोशिश न करो !
न बदलो जश्ने #ज़िन्दगी को यूं ही रुसबाइयों में,
जज़्बात ए #दिल को, दिखाने की कोशिश न करो !
गर बदलोगे ख़ुद तो बदलेगा ज़माना भी दोस्तों,
व्यर्थ औरों को यूं, बदलवाने की कोशिश न करो !!!

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Agar Teri Yaad Naa Aaye

Akele mein agar #Yaad teri na aaye,
To wo #Tanhai kis kaam ki,
Bane na agar bigde rishte,
To aisi khudai kis kaam ki,
Hume apni #manzil tak jana hai beshak,
Magar tum na dikho jaha se, wo uchaai kis kaam ki !!!

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Zindagi Ke Ajeeb Khel

ये #ज़िंदगी के खेल भी, कितने अजीब होते हैं !
सच्चाई की राह में, हमेशा काँटे नसीब होते हैं !
न चाहता है कोई भी अपनों से दूर होना मगर,
देते हैं वही धोखे, जो ज़िगर के करीब होते हैं !
ठुकराते हैं जो किसी को भी दौलत के नशे में,
सच्चाई तो ये है, कि वो #दिल के गरीब होते हैं !
जो ढूढने लगते हैं खोट अपनों के दिलों में भी,
यारो वो लोग तो, सचमुच में बदनसीब होते हैं !!!

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Meri Zindagi ki kahani hai

मेरी ज़िन्दगी की, बस इतनी सी कहानी है !
बस चेहरे पर बेबसी, और आँखों में पानी है !

समझा जिसे अपना, वो तो बेवफा निकला ;
सोचा था क्या हमने, मगर वो क्या निकला ;
मारना ही था तो फिर, ज़िन्दगी क्यों दे दी ;
अच्छा भला था मैं, ये शर्मिंदगी क्यों दे दी ;
यही रंजोग़म तो, मोहब्बत की निशानी है !
चेहरे पे बस बेबसी ,
मेरी ज़िन्दगी की ---

अपनों पे यकीन कर, पछताते रहे रात दिन ;
रिसते हुए ज़ख्मों को, सहलाते रहे रात दिन;
खा के भी धोखा, दिल में बिठाये रखा उसे ;
दुनिया के सामने, अपना बनाये रखा उसे ;
मेरे फूटे नसीब की, बस यही मेहरवानी है !
चेहरे पे बस बेबसी,
मेरी ज़िन्दगी की ----

यूं ही मुश्किलों में, ज़िन्दगी बिता दी हमने ;
पर कोंन पराया है, पहिचान करा दी सबने;
दूर किनारे पर खड़े, हाथ हिलाते रहे अपने ;
हमें डूबता हुआ देखा, तो मुस्कराते रहे अपने ;
पर लोग कहते हैं कि, यही तो ज़िंदगानी है !
बस चेहरे पर बेबसी,
मेरी ज़िन्दगी की ---

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