किसी से दिल लगाने में क्या रखा है,,,
किसी के #प्यार में तबाह हो जाने मे क्या रखा है...
मिलता है कितना दर्द कर के मोहब्बत यारों,
सितम ऐसा ढ़ाने में अब क्या रखा है,
रोते है गुमसुम यादों में #तन्हा होकर...
हसीं अपनी यूँ दबाने में क्या रखा है !!!
किसको बताएँ बिखर गयी #जिन्दगी तिनका तिनका,
किसी को दास्ताँ_ए_जिन्दगी सुनाने में क्या रखा है !!!
होता है पता #अन्जाम ए #मोहब्बत का सबको,
फिर ऐसा #जुर्म कर जाने में क्या रखा है !!!

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