मुझे को अब तुझ से भी #मोहब्बत नहीं रही,
ऐ #ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उस के #इंतज़ार के वो जलते दिए,
कहीं भी आस-पास उस की आहट नहीं रही...

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