Sardar Dikhe Vakhra

ਕੰਮ ਕਰੀ ਦਾ ਆ ੳੁਹ
ਜਿਹਨੂੰ ਲੋਕ ਕਹਿੰਦੇ ਅੱਥਰਾ,
ਲੱਖਾਂ ਦੀ ਭੀੜ ਵਿੱਚ ਵੀ
#ਸਰਦਾਰ ਦਿਖੇ ਵੱਖਰਾ👍👍🙏💖

Hasinon ke jaal

हम तो जालसाजों के जालों में फंस गए,
बेसबब ही खामो ख़यालों में फंस गए !

इससे तो रात का अँधेरा ही बेहतर था,
जाने क्यों दिन के वबालों में फंस गए !

अपने ही झमेलों से न बच पाए हम तो,
कि औरों के रंजो मलालों में फंस गए !

सुकून की तलाश में ढूँढा था एक कोना,
पर उधर भी शोरो धमालों में फंस गए !

कर ली थी हमने इस मोहब्बत से तौबा,
पर फिर से हसीनों के जालों में फंस गए !

बड़ी ठीक थी सादा सी ज़िन्दगी "मिश्र",
पर शहर में आ कर दलालों में फंस गए !
 

Driver Di Zindagi

ਦੱਸ ਕਾਹਦਾ ਗਿਲ੍ਹਾ ਮੱਥੇ ਵਾਲੇ ਲੇਖ ਤੇ„
ਡਰਾਈਵਰਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸਟੇਅਰਿੰਗ ਬਰੇਕ ਤੇ„
ਭਾਵੇਂ ਅਸੀਂ #Dubai ਗੱਡੀਆਂ ਚਲਾੳੁਂਨੇ ਆ„,
ਪਰ ਰੋਟੀ ਹੱਕ ਦੀ ਕਮਾੳੁਂਨੇ ਆ,
ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਤਪ ਤਪੇ ਇੰਜਣ ਦੇ ਸੇਕ ਤੇ„
ਡਰਾਈਵਰਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸਟੇਅਰਿੰਗ ਬਰੇਕ ਤੇ...

Rahul Gandhi in Gujarat

#राहुल_गांधी गुजरात दौरे पर
एक किसान के घर गए

पर बहुत गर्मी होने के बाद
राहुल ने पंखे का बटन नहीं दबाया

क्यों ???

क्योंकि उन्होंने कहीं सुना था
#बटन कोई भी दबाओ,
#वोट बीजेपी को ही जाता है !!!

Oye Keh Kar

जब अॉफिस की पुरानी मैडम ने
चपरासी को *”ओए”* कह कर बुलाया,
तो नई #मैडम को उस पर तरस आया..

कहा- “लोग जाने कहां से पढ़ कर आ जाते हैं,
भला *’ओए’* कहकर किसी को कभी बुलाते हैं ???

बोली, “सुनो, मैं शिष्टाचार निभाऊंगी,
तुम्हें तुम्हारे नाम से ही बुलाऊंगी।”

चपरासी गदगद हो गया, बोला –
“आप सरीखे लोगों का ही
हम गरीबों को साथ है,
मैडम जी मेरा नाम *’प्राणनाथ’* है।”

मैडम जी सकुचाई,
पलभर कुछ ना बोल पाई,
फिर कहा, “इस नाम से अच्छा न होगा तुम्हें बुलाना,
अगर कोई पुकारने का नाम हो तो बताना”

चपरासी बोला ,”मेरे घर में सब मुझे दुलारते हैं,
बीवी से लेकर अब्बा तक सब *’बालम’* कह कर पुकारते हैं।”

मैडम की समझ में कुछ न आया,
एक नया आईडिया लगाया,
बोली , “रहने दो, अब पहेलियां न बुझाओ,
मोहल्लेवाले तुम्हें क्या कहते हैं ये बताओ”

बोला, “मैडम जी, सबका हम दिल बहलाते हैं,
और मोहल्ले में *’साजन’* कहलाते हैं।”

मैडम अब तक ऊब चुकी थी,
ऊहापोह में डूब चुकी थी,
कहा “मुए, ये सब नाम कहां से लिए जाएंगे,
तू ‘सरनेम’ बता उसी से काम चलाएंगे।”

बोला, “मैडम जी क्या करूं,
दुनिया का सब ‘गेम’ है,
आप ‘सरनेम’ से बुलाइए,
*’स्वामी’* मेरा ‘सरनेम’ है”

अब मैडम झल्लाई,
जोरों से चिल्लाई ,
” *’ओए’* मेरा सिर मत खा,
एक कप गरम चाय ले के आ “