Dil lagate kyon hai

ख़ुद ही काँटों भरे ये रास्ते, हम बनाते क्यों हैं,
यारो पत्थर दिलों से रिश्ते, हम निभाते क्यों हैं !
जब जानते हैं दुनिया की बेरुख़ी का आलम,
तो औरों को खुद उजड़ के, हम बसाते क्यों हैं !
न समझता है कोई भी औरों की मुश्किल यारो,
तो #दिल में औरों के दर्दो ग़म, हम बिठाते क्यों हैं !
ज़रा सी बात पर कभी अपने पराये नहीं हो जाते,
फिर दुश्मनों से दिल आखिर, हम लगाते क्यों हैं !
जो खड़ा था कभी साथ साथ हर कदम पे "मिश्र",
सबसे ज्यादा ही दिल उसका, हम दुखाते क्यों हैं !

Zindagi ka asar kya hoga

भला मुर्दों के शहर में, ज़िन्दगी का असर क्या होगा,
बनावट के इन मेलों में, सादगी का असर क्या होगा !
जिसने न कभी समझी, रहमो करम की भाषा यारो,
उन पत्थर दिलों में कभी, बंदगी का असर क्या होगा !
जो जलते ही रहते हैं रात दिन, नफरतों की आग में,
मैले दिलों में उनके, आशिक़ी का असर क्या होगा !
जिन्हें होता है नशा सिर्फ, अपनों का लहू पी कर ही,
ऐसी शैतान खोपड़ी में, मयकशी का असर क्या होगा !
टपकते हैं जुबाँ से जिनकी, ज़हरों से भरे अलफ़ाज़,
उनकी कडुवी जुबान पे, चाशनी का असर क्या होगा !!!

Jeene Ki Humse Wajah

Sazaa Dene Wale Razaa Puchte Hain,
Jeene Ki Humse Wajah Puchte Hain...

Dete Hain Khud Hi Zehr Humko Aakar,
Phir Kitna Hua Hai Asar Puchte Hain !!!

Badla Lena Fitrat Nahi

Main Lamhon Ko Waqt Ki Pukar Deta Hoon,
Isi Lagan Mein Kayi Shaamein Guzaar Deta Hoon...

Main Yunhi Har Ek Se Be-Rabt Nahi Milta,
Har Ek Shakhs Ko Us Ka Mayyaar Deta Hoon...

Main Gham Ki Kashti Ko Dubona Nahi Chahta,
Bojh Badh Jaye To Kuch Utar Deta Hoon...

Khushiyan Koi Maange To Muft Deta Hoon,
Gham Maange Koi To Udhaar Deta Hoon...

Badla Lena Meri Fitrat Mein Nahi 'Saaqi',
Khizaan Ke Badle Bahaar Deta Hoon !!!

Musafir Bana Diya

Raah Mein Nikale The Ki
Ye Soch Kar Kisi Ko Bana Lenge Apna...

Magar Is Khwahish Ne
#Zindagi Bhar Ka Musafir Bana Diya !!!