Kasoor Dhoondhta Hai

हर कोई हर किसी में, कसूर ढूंढता है।
न मिलता है गर पास, तो दूर ढूंढता है।

न झांकता है इंसान अपने दिल में यारो,
मगर खामियाँ दूसरों में, ज़रूर ढूंढता है।

छुपा लेता है ये आदमी ज़ख्म अपने तो,
पर नोचने को औरों के, नासूर ढूंढता है।

छुप गयी है ज़िंदगी आफतों की धूल में,
दिल फिर भी ज़र्द चेहरों में, नूर ढूंढता है।

न समझ पाए आदमी की तलब को,
न देखता शक्ल अपनी, पर हूर ढूंढता है।

Mohabbat Kamzor Nahi

माना के #किस्मत पर मेरा कोई ज़ोर नहीं,
पर ये सच है कि #मोहब्बत मेरी कमज़ोर नहीं...

उसके #दिल में, उसकी यादों में कोई ओर है,
लेकिन मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई ओर नहीं...

Teri Yaad Mein

प्यासी ये निगाहें तरसती रहती हैं
तेरी #याद में अक़्सर बरसती रहती हैं...
हम तेरे खयालों में डूबे रहते हैं और
ये ज़ालिम दुनिया हम पर हंसती रहती हैं...

Banane Wale Ne Tujhe

Banane Wale Ne Bhi Tujhe
Kisi Kaaran Se Banaya Hoga,,,
Choda Hoga Jab Zameen Par Tujhe
Uske Seene Mein Dard To Aaya Hoga...

Tu Meri Main Tera

Tere Khamosh Hothon Par
#Mohabbat Gun-Gunati Hai,,,

Tu Meri Hai Main Tera Hun,
Bass Ye Hi #Aawaz Aati Hai...