Na Bacha Koi Gham

न बचा है कोई ग़म, मुझे अब रुलाने के लिए ,
मान गया है दिल भी, सब कुछ भुलाने के लिए !
नफरतों की आग ने जला दिया मेरा सब कुछ,
न बची हैं उल्फतें, किसी का दिल चुराने के लिए !
न ढूंढो अब कोई भी नया चाँद मेरे लिए दोस्तो,
न बची है जगह कोई, अब चाँदनी छुपाने के लिए !
न रहा कोई अपनापन न रिश्तों का कोई बंधन,
दिखते हैं तैयार सब, बस कश्तियाँ डुबाने के लिए !
मैं तो एक जाहिल ही नहीं काहिल भी हूँ दोस्त,
न आतीं हैं मुझे तरकीबें, आसमां झुकाने के लिए !

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Mandir Mein Bhajan Gane

मंदिर में भजन गाने से क्या मिलेगा,
झूठी भक्ती दिखाने से क्या मिलेगा !
अंदर भरा है मैल #नफ़रत का इतना,
कि रोज़ गंगा नहाने से क्या मिलेगा !
निहारता है सब कुछ वो ऊपर बैठ कर,
उससे सच को छिपाने से क्या मिलेगा !
भुलाया खुशियों में बेकार समझ कर उसे,
अब दुखों में याद आने से क्या मिलेगा !
भेज था हमें तो पैग़ामे #मोहब्बत दे कर,
उसकी मर्जी भूल जाने से क्या मिलेगा !
जो हर जगह मौजूद है हर पल हर घड़ी,
उसके लाखों घर बनाने से क्या मिलेगा !
ज़रा झांक कर देखो अपना गिरेवाँ दोस्त,
कमियाँ औरों की बताने से क्या मिलेगा !!!

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Intezaar hai aaj bhi

जूनून-ए-मोहब्बत, बरक़रार है आज भी,
इस #दिल को उनका, इंतज़ार है आज भी !
बहुत देखे हैं हमने हारे हुए दिल वाले भी
मगर अपना तो #दिल, बेक़रार है आज भी !
मुश्किलों का क्या आती ही है #ज़िन्दगी में,
इन हादसों से अपना तो, क़रार है आज भी !
नफरतों का क्या कोई भी कर ले किसी से,
पर #मोहब्बत की सज़ा, वज़नदार है आज भी !
न करो अफसोस दुनिया में आने का दोस्त ,
इंसानियत की दुनिया, तलबगार है आज भी !!!

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Kaise Mulaqaat Hogi

Tum Chale Jayoge To, Kaise Mulaqaat Hogi,
Na Hi Katega Din, Na Guzar Meri Raat Hogi...
Meri #Zindagi Ki Khushian, Tumse Hai Wabasta,
Tumhare Bina Ab To, Sooni Meri Qainaat Hogi...

Beete Lamhon Ko Yaad Kar, Tumhein Mehsoos Karenge,
Labon Se Muskurayenge, Aur Aankhon Se Barsaat Hogi...
Kitna Dil-Nasheen Hoga, Tumhari Yaadon Ka Manzar,
Ki Tumhari Tasveer Seene Se Lagakar, Meri Baat Hogi...

Chahe Kahin Bhi Raho Tum, Bass Humein Hi Payoge,
Tumhare Hum-Raah Ab To, Meri Yaad Saath Hogi...
Tum Hi Meri Khwahish Ho, Sada Muskurate Rehna,
Sang Tumhare Meri Jaan, Meri Duaon Ki Saugaat Hogi !!!

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Ab Samajh Aaya

दिल में घुसते हैं लोग कैसे, अब समझ आया ,
मुखौटे बदलते हैं लोग कैसे, अब समझ आया !
मूर्ख है ये #दिल कि समझता है खुदा सबको,
अपने उगलते हैं ज़हर कैसे, अब समझ आया !
कमाल है कि दुनिया भी ठगती है बड़े अदब से,
पचता है माल गैरों का कैसे, अब समझ आया !
न आता है समझ कुछ भी कोरी बातों से यारो,
लोग घुमा देते हैं #दिमाग कैसे, अब समझ आया !
इन झूठी आशा दिलासाओं में न फंसिए दोस्तो,
ये दुनिया सताती है हमें कैसे, अब समझ आया !!!

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