नए रिश्तों को पनपने में, देर तो लगती है,
यूं दुनिया को परखने में, देर तो लगती है !
नहीं बिकती #मोहब्बत बाज़ार में कहीं भी,
यारो दिलों में उतरने में, देर तो लगती है !
चाहे आजमाओ नुस्खा किसी हकीम का,
मगर ज़ख्मों के भरने में, देर तो लगती है !
ज़माने की ठोकरों से घायल पड़ा जो दिल,
उसके फिर से मचलने में, देर तो लगती है !
न घबराइये दोस्त देख कर बदला मौसम, #इंसान को भी बदलने में, देर तो लगती है !!!
लड़काः डैड, मैं शादी करना चाहता हूँ।
डैड: पहले सॉरी बोलो।
लड़का: किस लिये?
डैड : सॉरी बोलो।
लड़का: पर किस लिये?
मैंने क्या किया है?
डैड : तुम पहले सॉरी बोलो।
लड़का: लेकिन ....मेरी गलती क्या है?
डैड : तुम पहले सॉरी बोलो।
लड़का: लेकिन क्यों???
डैड : तुम पहले सॉरी बोलो।
लड़का: प्लीज... कम से कम कारण तो बताइये।
डैड : तुम पहले सॉरी बोलो।
लड़का: ठीक है डैड, आई एम् सॉरी।
डैड : अब तुम बिलकुल तैयार हो।
तुम्हारी ट्रेनिंग ख़तम।
जब तुम बिना किसी कारण के सॉरी कहना
सीख गये तो तुम शादी कर सकते हो।
ये ज़िन्दगी सँवर जाये, अगर तो अपने पास हों,
शामो सहर बदल जाएँ, अगर तो अपने पास हों !
ठहरी हैं उदासियाँ जो आंखों में हमारी दोस्तो,
होगा खात्मा उनका भी, अगर तो अपने पास हों !
महकता है #गुलशन भी मौसम के हिसाब से ही,
वेवक़्त महकेगा वो भी, अगर तो अपने पास हों !
तन्हाइयों की ज़िन्दगी भी क्या ज़िन्दगी है यारो,
जमेंगी फिर से महफ़िलें, अगर तो अपने पास हो !
निरी उलझनों का सामान है ये ज़िन्दगी भी दोस्त ,
सुलझेगी हर उलझन भी, अगर तो अपने पास हों !!!