Dil Tera Diwana Ho Gya Hai
Jab se Tu Mila Ye Dil To Diwana Ho Gya
Tera Yun Milna Afsana Sa Ho Gya Hai
Kar Na Sakte Hain Ab Hum Tujhe Is Dil Se Judaa
Kyunki Ye Dil To Tera Diwana Ho Gya Hai...
Jab se Tu Mila Ye Dil To Diwana Ho Gya
Tera Yun Milna Afsana Sa Ho Gya Hai
Kar Na Sakte Hain Ab Hum Tujhe Is Dil Se Judaa
Kyunki Ye Dil To Tera Diwana Ho Gya Hai...
कदम रुक गए जब पहुंचे हम रिश्तों के बाज़ार में...
बिक रहे थे रिश्ते खुले आम व्यापार में
कांपते होठों से मैंने पुछा,
"क्या भाव है भाई इन रिश्तों का?"
दूकानदार बोला: "कौन सा लोगे..?
बेटे का ..या बाप का..?
बहिन का..या भाई का..?
बोलो कौन सा चाहिए..?
इंसानियत का या प्रेम का..?
माँ का..या विश्वास का..?
बाबू जी कुछ तो बोलो कौन सा चाहिए.
चुपचाप खड़े हो कुछ बोलो तो सही...
मैंने डर कर पुछ लिया दोस्त का..?
दुकानदार नम आँखों से बोला:
"संसार इसी रिश्ते पर ही तो टिका है ..,
माफ़ करना बाबूजी ये रिश्ता बिकाऊ नहीं है..
इसका कोई मोल नहीं लगा पाओगे,
और जिस दिन ये बिक जायेगा...
उस दिन ये संसार उजड़ जायेगा......
लोग यहाँ सीरत नहीं, सूरत को पसंद करते हैं
वे अब असलियत नहीं, दिखावा पसंद करते हैं
दिल मैला हो तो कोई बात नहीं,
यहाँ साफ दिल नहीं, लोग अदायें पसंद करते हैं
ज़िंदगी को प्यार हम आपसे ज्यादा नहीं करते
किसी पे ऐतबार आपसे ज्यादा नहीं करते
आप जी सके मेरे बिन तो अच्छी बात है
हम जी लेंगे आपके बिन ये वादा नहीं करते
उनको मैं क्या कहूँ जिसने दिल तोड़ दिया
बिना कुछ बताये मेरा साथ ही छोड़ दिया
सोचा था दूर से ही देख कर जी लेंगे हम
पर बेरहम ने अपना रास्ता ही मोड़ लिया