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Insan jab tak fitrat nahi badal deta

इंसान घर बदल देता है मुकाम बदल देता है
रिश्ते बदल देता है दोस्त भी बदल देता है
उसको खुशी नसीब नहीं होगी
जब तक वह अपनी फितरत नहीं बदल देता है

Daro mat baar baar paryas kro

बाधा तो एक चुनौती है, स्वीकारो, डरने का कोई काम नहीं
बार बार प्रयास करो, सफल बनो, रुकने का कोई काम नहीं
उत्साह भरो उस चींटी जैसा, जो गिर गिर कर चढ़ती रहती है
आखिर बाधाओं को पीछे छोड़, मंज़िल पर पहुंच कर रहती है

Zindagi Ki Yahi Hai Sahi Paribhasha

जिंदगी में कुछ #दोस्त खास बन गये
मिले तो #मुलाकात और बिछड़े तो #याद बन गये :(
कुछ दोस्त धीरे धीरे फिसलते चले गये
पर जो #दिल से ना गये वो #आप बन गये
कभी #खुशी की आशा, कभी #गम की निराशा,
कभी खुशियों की #धूप, कभी हक़ीक़त की #छाया,
कुछ खोकर कुछ पाने की #आशा,
शायद यही है ज़िंदगी की सही परिभाषा…

Aurat ko kaisa sila mila

वो औरत है जिसने हमको, दुनिया में लाने का काम किया
वो औरत ही है जिसने हमको, भाई होने का सौभाग्य दिया
भूखे पेट सो गयी माता, पर हमको तो भर पेट खिलाया
रात रात भर जागी मां, पर लोरी गा गा कर हमें सुलाया
इस पूज्यनीय औरत ने ही, सम्पूर्ण सृष्टि का सृजन किया
वो ना होती तो कुछ ना होता, इस दुनिया पर अहसान किया
ये औरत ही किसी की भगिनी है,औरत ही किसी की पत्नी है
ये औरत ही मां की ममता है, ये औरत ही किसी की बेटी है
ममता की मूरत इस नारी ने, हमको जीवन का संदेश दिया
नफ़रत, गुलामी,जुल्मो सितम, ना सहने का अनुदेश दिया
कुछ पापी, दुष्ट, दुराचारी, इसकी महिमा को भूल गए
उसके सम्मान को तार तार कर, अपनी मर्यादा भूल गए
किसी ने इसकी अस्मत लूटी,किसी ने जला कर मार दिया
कुछ पापी मां बापों ने, इसे बस्तु समझकर बेच दिया
इस उपकार के बदले में ,औरत को तो कुछ भी न मिला
भूखे रहना, खून पिलाना, इस ममता को कैसा सिला मिला

Fir Bhi Main Khamosh Raha

मैं तो बस एक बुत हूँ जिसमें कोई भी अहसास नहीं
कितने तूफ़ां गुज़र गये मुझे इसका भी आभास नहीं
कितनों ने मुझ पर कूड़ा फैंका कितनों ने आघात किये
फिर भी में खामोश खड़ा सब देख रहा संताप लिये
कितनों ने मुझको प्यार दिया कितनो ने नफरत से देखा
सब भूल गया, कुछ याद नहीं, कुछ रखा नहीं मैने लेखा :(