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Apno se mile gham

गुज़रे हुए ज़माने, कभी भुलाये नहीं जाते ,
कभी अपनों से मिले ग़म, बँटाये नहीं जाते !
ज़रा महफूज़ रखिये अश्क़ों को आँखों में,
किसी को जिगर के धारे, दिखाए नहीं जाते !
कहीं छुपा के रख लो अपने सुनहरे लम्हें,
कभी ख़ुशी के वो ख़जाने, लुटाये नहीं जाते !
चाहत है अपनों की तो ज़रा गौर से परखो,
यूं ही फ़िज़ूल में दिन बुरे, बुलाये नहीं जाते !
छोड़ो बात सब की खुद को बदलो "मिश्र",
यूं ख़ुदग़र्ज़ी से इधर काम, चलाये नहीं जाते !!!

Aisa Gam Na De

Aisa Gam Na De Ki Kabhi Ro Bhi Na Sakun,
Shab Kya Din Mein Bhi So Bhi Na Sakun...
Pehle Hi Bahut Daag Hain Mere Daaman Mein,
Aur Daagdar Na Kar Ki Dho Bhi Na Sakun !!!

Yeh Hansta Chehra

Pyar Zindagi Ko Sajane Ke Liye Hai,
#Zindagi Dard Badhane Ke Liye Hai...
Kaash Koi To Padh Pata Meri Udasi Ko,
Yeh Hansta Chehra Sirf Dikhane Ke Liye Hai !!!

Tum Saath Nahi Ho

तुम साथ नहीं हो, लेकिन हमसे रूठ गये हो,
तुम #जिन्दगी की राह में हमसे छूट गये हो

बढ़ती ही जा रही हैं अपनी दूरियाँ #दिल की,
तुम हाथ की लकीरों में हमसे टूट गये हो !!!

Main Rona Chahta Hoon

कहीं बैठ के कोने में, मैं रोना चाहता हूँ ,
ग़मों को आंसुओं से, मैं धोना चाहता हूँ !
जाने कब मिलेगी घुटन से निज़ात यारो,
पुरानी यादों को अब, मैं खोना चाहता हूँ !
कोई तो होगी तदबीर कि दुबारा जी लूँ,
जीवन के धागों को, फिर पिरोना चाहता हूँ !
बहुत ख़्वाब देखे हैं मैंने रातों में जाग कर,
अब दुनिया से बेखबर, मैं सोना चाहता हूँ !
बहुत जी लिया मैं साजिशों के बीच "मिश्र",
नई दुनिया का सपना, मैं सजोना चाहता हूँ !!!