अब तो जुबां को, चुप कराने पे लगे हैं लोग ,
जब जीतने लगे हैं, तो हराने पे लगे हैं लोग !
एक वक़्त था कि दौड़ पड़ते थे उठाने को,
अब तो न जाने क्यों, गिराने पे लगे हैं लोग !
मुश्किल से पनपा है मेरी मेहनत का शज़र,
अब तो उसी की जड़, मिटाने पे लगे हैं लोग !
किसी की खुशियां न भाती अब किसी को,
अब तो औरों का घर, जलाने पे लगे हैं लोग !
नहीं फलती झूठ और फरेबों से मिली दौलत,
फिर भी इन्ही से दिल, लगाने पे लगे हैं लोग !
इक दिन तो रह जायेगा सब कुछ यहीं पे ,
फिर किस के लिए, धन जुटाने पे लगे हैं लोग !!!
Salame ishq ne hume ye sara jag bhula diya
Kabhi hame hasa diya kabhi usne rula diya
Kitni duayen ki thi humne uske vaaste
Aur usne hume bhula ke jeena sikha diya...
एक विदेशी ने एक भारतीय छात्र से पूछा :-
दुनिया में इतने खेल हैं फिर भी आप लोगों ने #कबड्डी में ही क्यों नाम कमाया ?
छात्र ने कहा :-कबड्डी में जब कोई
अपनी मंजिल पर पंहुचना चाहता है
तो सारे लोग उसकी टांग खींचते है,
हमारे देश के लोग बस इसी में एक्सपर्ट हैं,
इसलिये कबड्डी में हम चैंपियन हैं। 😂🤣
इस दुनिया में लाखों लोग रहते हैं,,,
कोई हँसता है तो कोई रोता है !!!
पर दुनिया में सुखी वही होता है,,,
जो शाम को…
2 पैग 🍷 लगा कर सोता है !!! #Cheers 🍻 🍾