Dil ko Zakham de gya
Ek Dil mere Dil ko zakham de gaya,
Zindagi bhar jeene ki kasam de gya
Lakho phoolo me se ek phool chuna tha humne,
Jo kaanto se gehri chubhan de gya.....
Ek Dil mere Dil ko zakham de gaya,
Zindagi bhar jeene ki kasam de gya
Lakho phoolo me se ek phool chuna tha humne,
Jo kaanto se gehri chubhan de gya.....
डर है कि कहीं वो, बेवफ़ा न हो जाए,
बे-सबब ये #ज़िंदगी, तबाह न हो जाए !
वो तो बेख़बर है दुनिया की चालों से,
फंस कर कहीं वो, गुमराह न हो जाए !
फ़ितरत बदलते नहीं लगती देर यारो,
गलती से कहीं उससे, गुनाह न हो जाए !
#दोस्ती का भरोसा भी न रहा आज कल,
कहीं #प्यार किसी से, बेपनाह न हो जाए !
सोचते रहिये दोस्त बस ये बेतुकी बातें,
कहीं दिमाग़ तेरा भी, ख़राब न हो जाए !!!
अब झूठी वफ़ा जताने से, भला क्या फायदा,
#मोहब्बत के हलफ़नामे, से भला क्या फायदा !
कहोगे कि जकड़े थे ज़माने कि मज़बूरियों में,
अब तो किसी भी बहाने से, भला क्या फायदा !
ज़ख्मों में #दर्द है तो होने दो तुम्हें क्या ज़ालिम,
अब यूं दर्द की दवा देने से, भला क्या फायदा !
जल चुकी है अब तो दीये की बाती भी यारो,
अब उसमें तेल बढ़ा देने से, भला क्या फायदा !
वक़्त के साथ न चले तो कैसी #ज़िंदगी दोस्त ,
अब यूं व्यर्थ में हाथ मलने से, भला क्या फायदा !!!
माता-पिता भले ही
अनपढ़ क्यो ना हो,
लेकिन अपने बच्चों को
शिक्षा और संस्कार
देने की जो क्षमता उनमे है
वो दुनिया के किसी स्कूल मे नहीं..!!
अपने को अब भाती नहीं, शरारत किसी की,
अब तो समझ आती नहीं, इबारत किसी की !
कोई उठाये भले ही तबालतें उम्र भर यूं ही,
पर बदलती नहीं है दोस्तों, आदत किसी की !
#ज़िन्दगी मिली है तो ज़रा प्यार से जी लो इसे,
फ़िज़ूल में क्यों लेते उधार, अदावत किसी की !
इज़्ज़त है अब उसी की है जिसके पास दौलत,
अब तो न काम आती इधर, शराफत किसी की !
न गुनगुनाइए #दोस्त अब चाहत के वो तराने,
इधर ख़ुदा भी न सुनता अब, इबादत किसी की !!!