Kuch Dard Mujhe Sehne De
Kuch #Dard Mujhe Tu Sehne De,
Andar Se Zinda Rehne De,
Aankhe'n Banzar Ho Jayegi ,
Kuch Zakham Hare To Rehne De...
Kuch #Dard Mujhe Tu Sehne De,
Andar Se Zinda Rehne De,
Aankhe'n Banzar Ho Jayegi ,
Kuch Zakham Hare To Rehne De...
मोहब्बत के निशां, हम पीछे छोड़ आये हैं,
ख्वाबों की ज़िंदगी, हम पीछे छोड़ आये हैं !
हम भी चले थे #मोहब्बत की राहों पर कभी ,
पर बे-अंजाम सफ़र, हम पीछे छोड़ आये हैं !
#दिल के मचलने से कभी ज़िंदगी नहीं चलती,
चाहतों का हर सबब, हम पीछे छोड़ आये हैं !
ज़रुरत नहीं हमें किसी के मशविरे की दोस्त,
नसीहतों का दौर तो, हम पीछे छोड़ आये हैं !
जो न था #नसीब में उसे क्या याद करें दोस्त ,
यादों से भरी पोटली, हम पीछे छोड़ आये हैं !
जिधर देखता हूँ, बेरुखी का मंज़र दिखता है,
मुझे हर तरफ, #नफ़रत का समंदर दिखता है !
ज़िगर को चाक करने बैठे हैं न जाने कितने,
मुझे तो हर किसी के हाथ में, खंज़र दिखता है !
कभी लहलहाती थीं खुशियों की फसलें इधर,
अब तो हर तरफ, वीरान सा बंज़र दिखता है !
कुछ ऐसा बदला है इस ज़माने का दस्तूर यारो,
कि नहीं आता वो बाहर, जो अंदर दिखता है !
250 रुपये की क्रीम, आईलाइनर,
लिपस्टिक और फेसवाश etc.
ये नाटक करने की क्या ज़रुरत है।
जब बाहर जग्गा डाकू की तरह
मुँह बाँध के ही निकलना है :D :P