Log Kya Kahenge
पूरी जिंदगी हम इसी बात में गुजार देते हैं कि -
"लोग क्या कहेंगे"
और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं कि -
"राम नाम सत्य है"
पूरी जिंदगी हम इसी बात में गुजार देते हैं कि -
"लोग क्या कहेंगे"
और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं कि -
"राम नाम सत्य है"
Dukh me #Khushi ki wajah banti hai Mohabbat,
#Dard me yaadon ki wajah banti h Mohabbat...
Jab kuch bhi acha nahi lagta Duniya mein,
To jeene ki wajah banti hai #Mohabbat....
एक ज़िन्दगी थी, वो भी तन्हा हो गयी
जीने की #तमन्ना, न जाने कहाँ खो गयी
#दिल था अपना वो भी बे वफ़ा हो गया,
मुकद्दर की कुंजी, न जाने कहाँ खो गयी
ख़त्म हो गयीं दिल की तमाम ख्वाहिशें,
देखते ही देखते, #ज़िंदगी की शाम हो गयी
कल देखा था #ख़्वाब हमने हसीन कल का,
पर कल की तो हर बात ही, बेजुबाँ हो गयी
सीखा था हमने भी जीने का तरन्नुम,
मगर सुरों की ताज़गी, न जाने कहाँ खो गयी...
क्या कहूँ और कैसे कहूँ,
कि मैं क्या #लिखता हूँ..
हर #व़क्त के हर #लम्हें में,
नये #अल्फ़ाज लिखता हूँ...
अल्फ़ाजों में छुपे अपने....
मैं #एहसास लिखता हूँ...
#दिन_रात के बीते #उज़ालों में
मैं हर #बात लिखता हूँ...
हर बात में अपनी मैं,
एक बात लिखता हूँ...
जो #समझ सके हर #बात,
मैं वो बात लिखता हूँ...
ज़रा सी तेज़ हवा को, तूफ़ान मत समझो
वक़्त के मारों को, बे ईमान मत समझो
अपने अंदर भी झांक कर देख लो कुछ,
यूं ही किसी और को, शैतान मत समझो
ज़माना जानता है फितरत हर किसी की,
दुनिया में किसी को, नादान मत समझो
जो सच है उसी को ही पहिचानो दोस्तो,
हर किसी को अपना, भगवान मत समझो
न कर सको भला तो कोई बात नहीं, पर
किसी के लिए करना, अहसान मत समझो