कोई रो रहा है यहाँ, तो कोई हंस रहा है
कोई किसी पर, विषैले तंज़ कस रहा है
कोई बुन रहा है बैठ कर फरेबों के जाल,
कोई अपने ही जाल में, खुद फंस रहा है
यही है कहानी नगर नगर की दोस्तो, कि
कपट का सांप, हर किसी को डस रहा है
अब न रही पहले सी #मोहब्बत,
हर दिल में, नफ़रत का ज़हर बस रहा है...
वो बोले "ओ चौधरी,
बन्द करा देंगे तेरी चौधर,,
हमारे पास #हथियार बहुत हैं।",,
.
मैं बोल्यो "रे मुर्खों, यो वहम छोड दो,
इस दिलदार #चौधरी के,
दोस्ती निभाने वाले" #यार बहुत हैं ॥
Boy :
1. In 2000:- Ladki Sharif Aur Sanskari Ho
2. In 2005:- Ladki Cute Aur Sweet Ho
3. In 2015:- Ladki Messenger Ya Viber Par Jarror Ho
Tan ke Free Call Ho Ske..
किस को हकीकत कहें, किस को वहम समझें
किस को कमतर कहें, किस को अहम समझें
दिखते हैं दूर से तो सब अपने से लेकिन, इसे
नज़रों का वहम कहें, या ख़ुदा का रहम समझें
एक से एक बढ़ कर हैं शातिर इस दुनिया में,
खुदाया किसको ज्यादा कहें, किसको कम समझें
रिश्तों पे चढ़ा रखा है दिखावे का पानी "मिश्र",
अब किसको हमदर्द कहें, किसको बेरहम समझें