shaadi ke side effects
शादी के बाद पहले 5 साल तक
पत्नी अपने पति को कैसे बुलाती है,
इसकी एक बानगी प्रस्तुत है :-
पहला साल- जानू
दूसरा साल- ओ जी
तीसरा साल- सुनते हो
चौथा साल- ओ मुन्ने के पापा
पांचवां साल- कहां मर गए ?
शादी के बाद पहले 5 साल तक
पत्नी अपने पति को कैसे बुलाती है,
इसकी एक बानगी प्रस्तुत है :-
पहला साल- जानू
दूसरा साल- ओ जी
तीसरा साल- सुनते हो
चौथा साल- ओ मुन्ने के पापा
पांचवां साल- कहां मर गए ?
ढूढने से क्या मिलेगा, मेरे इस वीरान घर में
छा गए हैं ग़मों के जाले, मेरे इस वीरान घर में
सुकून के पल खोजने आये हो तो माफ़ करना,
अब न कुछ ऐसा मिलेगा, मेरे इस वीरान घर में
जब छोड़ कर भागे थे हमको याद है वो दिन,
हर तरफ है दर्द उसका, मेरे इस वीरान घर में
क्यों चले आये हो तुम बाद मुद्दत के इधर,
अरमान मेरे जल चुके हैं, मेरे इस वीरान घर में
न समझो चुप हैं तो कोई गिला शिकवा नहीं,
सिसकती है शामो सहर मेरे इस वीरान घर में
बचा है बस ज़रा सा तेल चराग़े बदन में “मिश्र”,
फिर अँधेरा ही अँधेरा है, मेरे इस वीरान घर में...
चलो कुछ पुराने #दोस्तों के,
दरवाज़े खटखटाते हैं !
देखते हैं उनके पँख थक चुके है,
या अभी भी फड़फड़ाते हैं !
हँसते हैं खिलखिलाकर,
या होंठ बंद कर मुस्कुराते हैं !
वो बता देतें हैं सारी आपबीती,
या सिर्फ सफलताएं सुनाते हैं !
हमारा चेहरा देख वो,
अपनेपन से मुस्कुराते हैं !
या घड़ी की और देखकर,
हमें जाने का वक़्त बताते हैं !
चलो कुछ पुराने दोस्तों के,
दरवाज़े खटखटाते हैं !!!
ये ज़िन्दगी ऐसी भी होगी, ये कभी सोचा न था
हो जाएंगे यूं अपने पराये, ये कभी सोचा न था
कभी इठलाती थीं तितलियाँ गुलशन में मेरे,
खा जाएँगी उसको खिज़ाएँ, ये कभी सोचा न था
जाते हुए पैरों की आहटें सुनते रहे हम गुमसुम,
न देखेगा एक बार मुड़ कर, ये कभी सोचा न था
क्या होती है हद ज़फ़ाओं की पता न था हमको,
पर बन जायेगा वो अजनबी, ये कभी सोचा न था
बिना लिबास आये थे हम इस दुनिया में "मिश्र",
उस की चाह में इतना सफर, ये कभी सोचा न था...
गुप्त सूत्रों के हवाले से पता चला है कि
'कमेंट में 5 लिखे और जादू देखे'
जैसी पोस्ट का प्रयोग विदेशी सर्वे एजेंसियां
भारत में चूतियो की संख्या का पता लगाने के लिए करती है। :D :P