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Hum to intzaar karte rhe

जिनके लिए ज़िन्दगी, तार तार करते रहे
वो हमारे दिल से सिर्फ, व्यापार करते रहे
गैरों ने भी न चाहा कि न रहें हम दुनिया में,
मगर वो हमारी मौत का, इंतज़ार करते रहे
पता न था कि #प्यार की भी कीमत होती है,
हम तो मुफ्त में ही #दिल, बे क़रार करते रहे
आरज़ू न थी कि अपने दर्द बताएं किसी को,
चुपचाप ग़मों का दरिया हम, पार करते रहे
या ख़ुदा क्या मिला तुझे हमें ज़मीं पै लाकर,
हम तो #ज़िन्दगी भर जीने का, इंतज़ार करते रहे
 

Ilzaam Bahut Hain

Ilzaam Bahut Hain,
Badnaam Bahut hain,
#Dil to karta hai jawab dene ko,
Magar kya karein,
Karne ko Kaam bahut hain...

Dil Dukhana Achha Nahi

चरागों का रात भर जलना, हमें अच्छा नहीं लगता
किसी का यूं कलेजा फूंकना, हमें अच्छा नहीं लगता
क्यों विवस करते हैं लोग किसी को जलने के लिए,
यूं रात भर तारों का गिनना, हमें अच्छा नहीं लगता
फूलों के साथ काँटों को क्यों लगा दिया तूने ख़ुदा,
इस तरह काँटों का चुभना, हमें अच्छा नहीं लगता
आये थे इस दुनिया में मुस्करा कर जीने के लिए,
पर इस तरह रो रो के जीना, हमें अच्छा नहीं लगता
हम खुद तो सह सकते हैं हज़ारों रंज़ो गम लेकिन,
किसी और का दिल दुखाना, हमें अच्छा नहीं लगता

Dost Tu Hi Bta

#दोस्त..!
अब तू ही बता तुझे ऐसा करने की #जरुरत क्या थी ?
#चाहते तो हम भी खोल देते, #किताब अपने #दिल की....
मगर उसे #पढ़ने वालो को #फुरुसत नहीं थी!
#नफरत इतनी मिली उनसे यारों कि..
जितनी मुझे अपने #दुश्मनों से भी नही थी..
कर देते #हम भी #बेवफाई उनसे उनकी तरह..
पर दोस्तो #फितरत हमारी ऐसी नही थी..!!!

Kabhi khushi kabhi gham

कभी खुशियों के कारवां, तो कभी #गम के मेले
कभी आशा की रौशनी, कभी निराशा के अँधेरे
कभी महफ़िलों के रंग, कभी तन्हाई में अकेले
कभी पाने की ख्वाहिशें, तो कभी खोने के झमेले
कभी अपनों के दर्द देखे, कभी गैरों के दंज झेले
कभी दीपों की छटा देखी, कभी होली के रंग खेले
चलता रहा ज़िन्दगी का यूं ही हसीन सिलसिला,
कभी मिल गया कोई साथी, कभी चल पड़े अकेले
दुःख सुख का संगम है ये ज़िन्दगी का मेला भी,
बस आते रहेंगे लोग यहां, और लगते रहेंगे मेले...