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Hai ishq jiski manzil

कितना कठिन रास्ता है...
कितनी कठिन #डगर है...
है #इश्क जिसकी #मँजिल...
#मौत उसका वो #सफ़र है....
#मोहब्बत की #बस्ती में..
#नफ़रत का क़हर है...
मतलब परास्त #भीड़ में....
बसा अपना #शहर है....!!

Bhula pana namumkin hai

उनको यूं भुला पाना भी नामुमकिन है
उनके बिन जी पाना भी नामुमकिन है
वक़्त नहीं उनके पास अब हमारे लिए
अपने ग़म बता पाना भी नामुमकिन है
दिल पे लगा रखे हैं हज़ार पहरे उसने
हक़ीक़त समझ पाना भी नामुमकिन है
यूं तो ख़्वाबों से नाता ही टूट गया अब
क्योंकि अब नींद आना भी नामुमकिन है
अभी तो लम्बा सफर पड़ा है #ज़िन्दगी का
लगता है उसे काट पाना भी नामुमकिन है...

Kabhi Humein Yaad kiya hota

कभी फुर्सत में ज़रा, हमें भी याद किया होता
दिन में वक़्त नहीं, ख़्वाबों में याद किया होता
बहुत गुज़रते होंगे तुम्हारे दर से हो कर लोग,
कभी तो किसी के ज़रिये, सम्बाद किया होता
अब तो मुद्दत गुज़र गयी तेरे दीदार के बिना,
कभी तो आकर ये घर मेरा, आबाद किया होता
ज़िंदगी छोटी है कल न जाने क्या हो क्या पता,
मेरी खातिर तुमने, इक पल तो बर्बाद किया होता...

Wo Paas Aane Laga Hai

कभी #दूर तो #कभी यूँ #पास आने लगा है,
देखिए दोस्तों फिर मुझे वो #आज़माने लगा है....

था नहीं #व़क्त पास #उसके...
फिर क्यूँ वो #पास आने लगा है....

ज़हन में जिसके थी #नफ़रत.....
फिर #क्यूँ वो मुझे #चाहने लगा है...

अजीब दास्ताँ है मेरे मुकद्दर की #यारों...
एक #अज़नबी को #जिन्दगी  वो #बनाने लगा है...

Ye Dunia TamashBeen Hai

इस उम्मीद से मत फिसलो, कि तुम्हें कोई उठा लेगा
सोच कर मत डूबो दरिया में, कि तुम्हें कोई बचा लेगा
ये दुनिया तो एक अड्डा है तमाशबीनों का दोस्त,
गर देखा तुम्हें मुसीबत में तो, यहां हर कोई मज़ा लेगा...