अपने ज़ख्मों को, सबसे छुपा कर देख लिया हमने
लबों पर झूठी मुस्कान, दिखा कर देख लिया हमने
इस ज़रा सी ज़िंदगी के बस ज़रा से सफर में दोस्तो,
न जाने किस किस को, आज़मा कर देख लिया हमने
अफसोस उनकी नज़रों में अब हमारा नहीं कोई वज़ूद,
उन मौका परस्त लोगों को, निभा कर देख लिया हमने
वैसे तो अपनी ख्वाहिश न थी शुर्खरू बनने की कभी,
फिर भी अपनी चाहतों को, मिटा कर देख लिया हमने...
आर्मी ट्रेनिंग के दौरान:-
अफसर ने बंता से पूछा : ‘ये हाथ में क्या है ?’
सुरेश : “सर , बन्दूक है …!”
अफसर : “ये बन्दूक नहीं !
तुम्हारी इज़्ज़त है , शान है , ये तुम्हारी माँ है माँ !!”
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फिर अफसर ने दूसरे सिपाही रमेश से
पूछा : “ये हाथ में क्या है ?”
रमेश : “सर, ये सुरेश की माँ है,
उसकी इज़्ज़त है , उसकी शान है
और हमारी मौसी है मौसी ..!!!
किसी ने मिट्टी का बना दिया
किसी ने पत्थर का बना दिया
मैंने तो जान बख्शी थी सबको
पर सबने मुझे बेजान बना दिया
वाह रे #इंसान अज़ब है तेरी लीला
मुझे तूने क्या से क्या बना दिया
बिकने लगा हूँ बाजार में अब तो
तूने मुझे बिकाऊ माल बना दिया
दिलों में रखने की न थी गुंजाइश
तो अलग से मेरा घर बना दिया....