Wo Mere Dil Mein Sama Gaye
वो दोस्त बन कर आये थे, मेरे दिल में समा गये
मेरी अधूरी ज़िंदगी में, बस प्यार बन कर छा गये
बहारों से भर दिया मेरा घर आंगन,
ये #नसीब की ही बात है, वो मेरी ज़िंदगी में आ गये
वो दोस्त बन कर आये थे, मेरे दिल में समा गये
मेरी अधूरी ज़िंदगी में, बस प्यार बन कर छा गये
बहारों से भर दिया मेरा घर आंगन,
ये #नसीब की ही बात है, वो मेरी ज़िंदगी में आ गये
Kash wo lamha jaldi aa jaye
jab hum aapko yaad aaye
sari duniya ko chod kar
sirf hum aapko nazar aaye
फूलों की महक या कांटों की खरास लिखूँ
या अपनों से बिगड़ते रिश्तों की खटास लिखूँ
इस ज़िंदगी में पाये धोखों की रबानी लिखूँ
या अपनों से मिले घावों की कहानी लिखूँ
इस जनता के दुख दर्द का हिसाब लिखूँ
या नेताओं के स्वार्थ पर एक किताब लिखूँ
हर दफ़्तर में घुसे भ्रष्टाचार की बात लिखूँ
या भ्रष्ट तरीके से काम कराने की बात लिखूँ
हर चेहरे पर चढ़े झूठे मुखौटों की बात लिखूँ
या किसी के ज़ज़्बातों से खेलने की बात लिखूँ
प्यार के अंधे दीवानों के बिगड़ते हालत लिखूँ
या उनकी आँखों से बहते दिलों के ज़ज़्बात लिखूँ
दिल कहता है वही लिखूँ जो दोस्तों की चाहत है,
अब तुम्हीं बताओ दोस्तो कि मैं क्या क्या लिखूँ
कुछ दोस्त तो बदनाम हो गये, कुछ गुमनाम हो गये
कुछ बदनसीब तो बे वक़्त ही, ख़ुदा के नाम हो गये
ज़िंदगी के सफर में कितने दोस्त थे हमारे साथ,
सबसे बेजोड़ वो निकले, जो बीबीयों के ग़ुलाम हो गये
मेरी ज़िंदगी की गाड़ी, तनिक भी न हिल पायी है
मेरे अरमानों की बगिया, अभी तक न खिल पायी है
सोचा था एक ताजमहल और बनबाऊँगा,
पर अभी तक मुझे कोई मुमताज नहीं मिल पायी है