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Door ki roshni kis kaam ki

किसी और की दौलत, किसी के किस काम की
किसी और की शौहरत, किसी के किस काम की
जो किसी के पास का अंधेरा न मिटा सके,
वो दूर से दिखती रोशनी, किसी के किस काम की ?

Ye Zindagi bahut kuch sikhati hai

Ye Zindagi hume bahut kuch sikhati hai
kabhi kisi ko hasati hai to kabhi kisi ko rulati hai
jaise roz ek din guzarne ke baad
har roz ki tarah ek raat aati hai.....

Dost Dushman bante ja rahe hain

पता नहीं ये दुनिया किधर जा रही है
इंसानियत खून के आंसू वहा रही है
दुश्मनी का जैसे सैलाव आ गया है,
दोस्ती, दुश्मनी में बदलती जा रही है

Jab Teri Yaad Aati Hai

Kashti bhanvar mein fass jaati hai
jameen andar ko dhas jaati hai
kuch bhi acha nai lagta us samay
jis samay mujhe teri yaad aati hai... :(

Ek Ishwar har jagah samaya hai

हम तो एकदम अबोध थे, पर दुनिया ने क्या बना दिया
किसी को हिन्दू, किसी को ईसाई तो किसी को मुस्लिम बना दिया
हम सोचते थे कि ईश्वर एक है कण कण में समाया है,
पर उसके लिये कहीं गिरज़ा, कहीं मस्ज़िद तो कहीं मंदिर बना दिया