Page - 542

Apna har zakham dikhaya na kijiye

अपने आंसुओं को, आँखों से टपकने न दीज़िये.
दर्दे दिल खोल कर, किसी को दिखाया न कीजिये
लोगों का क्या वो तो तैयार बैठे हैं ,
अपना हर ज़ख्म, हर किसी को दिखाया न कीजिये

Mulak ki barbadi ke aasar

मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है ,
चोरों के संग पहरेदार नज़र आते है
ये अंधेरा कैसे मिटे , तू ही बता ऐ आसमाँ ,
रोशनी के दुश्मन चौकीदार नज़र आते है

हर गली में, हर सड़क पे ,मौन पड़ी है #ज़िंदगी
हर जगह मरघट से हालात नज़र आते है
सुनता है आज कौन द्रौपदी की चीख़ को
हर जगह दुस्साशन सिपहसालार नज़र आते है

सत्ता से समझौता करके बिक गयी है लेखनी
ख़बरों को सिर्फ अब बाज़ार नज़र आते है
सच का साथ देना भी बन गया है जुर्म अब
सच्चे ही आज गुनाहगार नज़र आते है

मुल्क की हिफाज़त सौंपी है जिनके हाथों मे
वे ही हुकुमशाह आज गद्दार नज़र आते है
खंड खंड मे खंडित #भारत रो रहा है ज़ोरों से
हर जाति , हर धर्म के, #ठेकेदार नज़र आते है

Sirf bibi ke belan se darte hain

कुछ लोग काम के बोझ से डरते हैं
कुछ लोग ऑफिस में बॉस से डरते हैं
हम नहीं डरते किसी से अब,
अब हम सिर्फ बीबी के बेलन से डरते हैं

Kyun paraya bana deti hai duniya

बनाने के बाद क्यों मिटा देती है दुनिया
सामने से हटते ही क्यों भुला देती है दुनिया
बस कुछ देर पहले तक उनके थे हम
पलक झपकते ही पराया बना देती है दुनिया

Tere Shehar Teri Soch Se Nikal Jaunga

Tere Shehar Teri Soch Se Nikal Jaunga
Kisi Udaas Sham Main Dhal Jaunga
Tu Jo Mukar Gayi Hai Har Baat Se Apni
Dekh Lena Ek Din Main Bhi Badal Jaunga...

Mat Dikha Mujh ko Apna Pashemaan Chehra
Jab ki Tu Janti Hai Main Pighal jaunga
Chahe Lakh Tadpun Tere Intzaar Mein
Mat Lout ke Aana Main Sambhal jaunga
Tera Hona Itna Zaroori To Nahi Hai,
Main To Yaadon ke khilonon Se hi Behal Junga...