कभी मेरी छांव तले, पथिकों का शहर हुआ करता था
कभी मेरी बाहों में ,चिड़ियों का घरवार हुआ करता था
तपती किरणों का वो लावा, मुझसे मजबूर रहा करता था
भारी तूफानों से टकरा कर भी, मैं मजबूत रहा करता था
मैने तूफानों को टक्कर दी, जो टकराया समझो हार गया
जीवन में मैं कभी न हारा, बस नन्हें कीडों से हार गया
दुष्टों ने जड़ को खाकर, मेरा हरियाला जीवन छीन लिया
सब साखें मेरी सूख गयीं,पत्तों का भी जीवन छीन लिया
अब खड़ा हुआ हूं ठूठ बना मैं, अब गिद्धों का यहाँ बसेरा है
अब पथिक देख कर दूर भागता, जैसे भूतोँ का यहाँ डेरा है
लोग अगर अब भी ना समझे, तो मेरा सा हाल हुआ समझो
गर छोटे दुश्मन को कमतर समझा, अपना बेहाल हुआ समझो
बड़े नादान हैं लोग जो लोगों से वफा की उम्मीद कर लेते हैं
बड़े मूर्ख हैं लोग जो अपनों से मदद की उम्मीद कर लेते हैं
ये दुनिया है मतलब की प्यारे
अगर दुआ कबूल नहीं होती तो लोग भगवान भी बदल देते हैं
Main Mar Hi Jau Itna Zulam Uthaya Nahi Karte,
Yu Har Waqt Staya Nahi Karte.....
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Mana Ki Jeene Ki Tamanna Baaki Nahi,
Magar Yun Zinda Lashon Ko Jalaya Nahi Karte.....
जाम में फंसी मेरी गाड़ी से, जन्नत की एक रूह यूं ही टकराई
मैने पूंछा मन नहीं भरा, जो तू जन्नत से फिर यहाँ चली आई
वो बोली, वहां की आवोहवा में दम घुटता है,
जन्नत में नहीं मिली धुएं की ख़ुराख, तो यहाँ लेने चली आई
भारत देश से जाने वाली हर रूह, वहां यूं ही बीमार पड़ी है
जन्नत के हर हकीम के सामने, एक विकट समस्या खड़ी है
जन्नत में इस बीमारी की दवा ‘प्रदूषण’ कहीं नहीं मिलता,
अतः बीमार हर रूह, भारत के चौराहों पर मुंह बाये खड़ी है
ओ #कंप्यूटर युग की छोरी
मन की काली तन की गोरी
करना मुझको माफ़
मैं तुम्हें #प्यार नहीं कर पाउँगा
तू #फैशन TV सी लगती
मैं #संस्कार का चैनल हूँ
तू मिनरल पानी की बोतल लगती है
मैं #गंगा का पावन जल हूँ
तुम लाखों की गाड़ी में चलने वाली
मैं पाँव पाँव चलने वाला
तुम हैलोजन सी जलती हो
मैं #दीपक सा जलने वाला
करना मुझको माफ़
मैं तुम्हें प्यार नही कर पाउँगा....