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Dunia Ke Liye Sawal Ho Gye

अपनों से ज़िंदगी में, जब बेहाल हो गये
हर तरफ से हम, जब फटे हाल हो गये
तलाश लिया ठिकाना हमने अंधेरों में,
दुनिया के लिये हम, एक सवाल हो गये
अब सोचता रहता हूं अपनों के करिश्में,
जिनके लिये मरते हुए, कई साल हो गये
या खुदा क्या इन्हीं को कहते हैं रिश्ते,
गर यही सच है, फिर तो कमाल हो गये
शौक से निभाये रिश्ते जिसे चाहत है,
माफ करना यारो, हम तो निहाल हो गये...

Wo Aane Wale Hain Shehr Mein

अब ज़िंदगी बनाने का समय आ गया है
अब अरमां सजाने का समय आ गया है
ये ख़बर है कि आने वाले हैं वो शहर में
अब तो करीब आने का समय आ गया है
न जाने मेरे दिल में क्या क्या ज़ब्त है
वो सब कुछ सुनाने का समय आ गया है
कितनी चोट खाई है इस दिले नादान ने
अपने ज़ख्म दिखाने का समय आ गया है
नहीं हुए दीदार तो तौहीन होगी इश्क़ की
अब #मोहब्बत बचाने का समय आ गया है...

Ho Jaye Mulakaat Unse

दो पल की #खुशी है.. फिर वीरानी रात है...
#जिन्दगी का बदलता..  यूँ नया अन्दाज है...
चाहते है  जिसको... उसका ही क्यूँ #इंतजार है..
धड़कते हुए #दिल को... इतना सा #इकरार है..
हो जाए #मुलाकात उनसे... फिर क्या बात है...
क्या बात है....   क्या बात है....

Apne bhi zehar bhar jate hain

जग में ऐसे लोग भी हैं, दिल में उजियारा कर जाते हैं
कुछ अपनी दी चोटों से, मन में अंधियारा भर जाते हैं
बुरे वक़्त में साथ निभाते गैरों को देखा है अक्सर,
पर बनते थे जो अपने कभी, घोर निराशा भर जाते हैं
अपनापन तो खत्म हो गया मतलब परस्त ज़माने में,
अपने तो मौका मिलते ही, जीवन में ज़हर भर जाते हैं...

Har Lamha Sirf Uska Chehra

तन्हाँ बैठ कर तो, हर कोई याद आता है
एक भूलता है तो, कोई और याद आता है
सच्ची #मोहब्बत तो उसी से होती है यारो,
जो भीड़ के होते भी, हर पल याद आता है...
न चैन दिन को न रातों में नींद आती है,
हर लम्हां सिर्फ उसका, चेहरा याद आता है
न रहती खाने की सुध न जीने की लगन,
हर लम्हां उसको, पाकर खोना याद आता है...