इज़्ज़त बचानी है, तो ईमान बचा के रखिये,
अपने हसीन सपनों को, यूँ ही सजा के रखिये !
गर अंधेरों से डर लगता है तो मुस्तैद हो कर,
आँधियों से अपने चरागों को, बचा के रखिये !
किस्मत के सहारे बैठ कर कुछ नहीं मिलता,
यारो हाथ पैरों में, ज़रा जुम्बिश बना के रखिये !
दर्द तो होता है दुनिया के दिए ज़ख्मों में यारा,
पर #दिल के तूफां पे ज़रा कब्ज़ा बना के रखिये !
तैयार बैठे हैं शिकारी ले कर फरेबों का जाल,
न आना किसी लोभ में, खुद को बचा के रखिये !
ग़लतफ़हमी में न रहिये दोस्त कि सब अपने हैं,
अपने दिल की बातें ज़रा, दिल में छुपा के रखिये !!!
Teri Hasrat Ka #Khwab Bankar Tujh Mein Utar Jaun,
Teri Deewangi Ka Raaz Bankar Us Mein Basar Jaun...
Koi Deewar Na Ho Jis Mein Rehbaser Ki,
Aise Ghar Ki Dar-O-Deewar Main Ban Jaun!!!
एक मुसाफिर हूँ यारो, कोई तो साथ दे दो,
थोड़ी सी देर को, #मोहब्बत की छांव दे दो !
अब थक चूका हूँ मैं इस लंबे सफर से यारो,
मुश्किल है आगे बढ़ना, ज़रा सा हाथ दे दो !
बड़ी ज़िल्लतों से पहुंचा हूँ मैं यहां तलक भी,
बस कुछ वक़्त ठहरूंगा, ज़रा सी ठाँव दे दो !
बड़ी ही बेरहम हैं #ज़िन्दगी की ये राहें दोस्त,
आँखों में नींद है, कोई प्यारा से ख़्वाब दे दो !!!
इश्क़ से हमने तो यारो, बंदगी कर ली,
यूं ही तबाह बेकार में, ज़िन्दगी कर ली !
हमें तो उजाले दौड़ते हैं काटने को अब,
हमने तो चरागों की, गुल रोशनी कर ली !
अपनों की #मोहब्बत ने धोखा दिया यारो,
इसलिए गैरों से हमने, आशिक़ी कर ली !
रखा है क्या हसीनों की महफ़िलों में दोस्त,
छोड़ कर सब को, तन्हा #ज़िन्दगी कर ली !!!
Kitab-E-Ishq Padh Rahe The.
Mera Bhi Naam Usme Juda Mila.
Maine apne Nam Ka Panna Khola.
Kismat Dekho Wahi Panna FATA Hua milla,
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Kitab E ishq se beshaq tumhara panna fata tha,
Kyunki rabb ne wo panna nikal mujhe diya tha,
Kaha tha ki is nayab amanat ko sambhal tum rakhna,
Is anmol panne ko khud se kabhi na door karna,
Hai jiska naam isme wo jab bhi ye kitab payegi,
Panna fata dekh wo tumhe dhundhte aayegi,
Tumhare sache #Prem ka yhi inam hoga,
Jab is panne pe uske sath tumhara bhi naam hoga...