तूने खुशुबुओं का रिश्ता, बर्बाद कर दिया,
इक हरे भरे से चमन को, उजाड़ कर दिया !
तेरी हर ख़ुशी में लटके थे जो हार बन कर,
मुस्कराते उन फूलों को, तूने कबाड़ कर दिया !
जो खुश थे तेरी बुलंदियों को देख कर दोस्त,
ख़ुदारा उन्हीं के #दिल पर, तूने वार कर दिया !
जिसका सहारा लेकर पहुंचा तू इतना ऊंचा,
उसी को धक्का मार कर, तूने बेराह कर दिया !
ये कैसा दस्तूर ओ ज़मीर है तेरा अय दोस्त,
कि खून के रिश्तों को, तूने लाचार कर दिया !!!
ये रात गुज़र जाए तो चले जाइएगा,
न रहे कोई अरमां तो चले जाइएगा !
बहुत बेचैन रहता है ये नादान दिल,
मैं समझा बुझा लूँ तो चले जाइएगा !
न जाने कितनी यादें बसी हैं दिल में,
उनको मैं भूल जाऊं तो चले जाइएगा !
मुद्दत के बाद तो आये हो तुम दोस्त,
ज़रा गुफ़्तगू कर लूँ तो चले जाइएगा !
ये कैसी है तड़प कैसी है हलचल दोस्त ,
ये तूफ़ान गुज़र जाए तो चले जाइएगा !
सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती,
महज़ मुस्कराने से...
फिर भी बाज नही आते लोग,
मुँह फुलाने से....!!! #ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है,
जिसमें जीने की #चाहत होनी चाहिये...
ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये...
कैसे हैं ये मौसम, जो सताने चले आते हैं,
फिर से #याद उनकी, दिलाने चले आते हैं !
कभी इतराते हैं #मोहब्बत के हसीन लम्हें,
कभी नफरतों के पल, रुलाने चले आते हैं !
पहले देते हैं लोग ग़मों का ज़हर खुद ही,
और बाद इसके, शोक जताने चले आते हैं !
कैसी है ये दुनिया और कैसे हैं लोग इसके,
कि #दिल जलों के, दिल जलाने चले आते हैं !
अफ़सोस कि न देखता कोई भी घर अपना,
मगर औरों का घर, वो जलाने चले आते हैं !
सब जानते हैं "मिश्र" कि ज़रा सी है ज़िंदगी,
फिर भी आग इसमें, वो लगाने चले आते हैं !!!
ऐ दिल तू हर किसी से, इतना प्यार मत कर,
मस्त है ये दुनिया किसी का #इंतज़ार मत कर !
रहना है तुझे अकेला बस कर जुगत उसकी तू,
यारा किसी ओर के काँधे पर, ऐतबार मत कर !
न समझता है दुःख दर्द कोई भी किसी के अब,
अपने ग़मों का तमाशा, तू सरे बाज़ार मत कर !
चमकते #सितारे तो मलकीयत है आसमां की,
फ़िज़ूल उनकी चाहत में, #दिल बेक़रार मत कर !
बड़ी मुश्किल से पनपता है #मोहब्बत का गुलशन,
तू अपनी नफरतों से उसको, सुपुर्दे ख़ाक मत कर !!!