उनके चेहरे पे, हमने बेबसी देखी है,
मासूम सी आँखों में, बेकसी देखी है!
पहले न थी कभी ऐसी हालत उनकी,
अपने ग़मों में में,डूबी बेकली देखी है !
बहुत ढूँढा मगर न मिला उनसा कोई,
हमने भी शहर की, हर गली देखी है!
हमारे ग़मों को भले ही टाल दे कोई,
मगर औरों के लिए, खलबली देखी है!
न समझना कि कोई फरिश्ता हैं हम,
दोस्तो हमने भी, दिल की लगी देखी है !
3 इंजीनियर एक टेढ़े मेढ़े पाइप में से तार डालने कि कोशिश कर रहे थे,
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एक गांव वाला 5 दिन से ये सब देख रहा था
5 वें दिन वो बोला:- मै करू साब ???
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वो बोले:- हम 5 दिन से कोशिश कर रहे हैं,
हमसे तो हुआ नहीं, तु कैसे निकालेगा ?
चल तू भी कोशिश करले……
गाँव वाला बोला:- ठीक
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गाँव वाला खेत मे गया एक चूहा लाया
उसकी पूँछ मे तार बान्धा चूहे को पाईप मे डाला
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चूहा दूसरी तरफ से तार के साथ बाहर निकल गया |
तब सालो को पता चला डिग्री की तो कोई वेल्यु ही नही है !!!
कैसे कटेगी ज़िन्दगी, यूं उजड़ा चमन लिए हुए,
चेहरे से उड़ती हवाइयां, दिल में रुदन लिए हुए !
ज़रा ठंडा करो इन नफरतों के शोलों को दोस्तो,
वरना न जी सकेगा शहर, इतनी तपन लिए हुए !
अय तितलियों मत जाइये गुलशन में आजकल,
अब उधर तो सिर्फ कांटे हैं, अपनापन लिए हुए !
मैं तो घुसा था इस शहर में खुशियों की तलाश में,
मगर बैठे हैं इधर भी लोग, दिल में टशन लिए हुए !
लगा दी ज़िन्दगी हमने जिसकी ज़िन्दगी के वास्ते,
अब लगा कर घात बैठा है, मेरा कफ़न लिए हुए !
किस किस को सुनाओगे दिल के अफ़साने दोस्त,
यूं कैसे जियोगे तुम इधर, ये मैला सा मन लिए हुए !!!
Nazron Ko Tere Pyar Se Inkar Nahi Hai,,,
Ab Mujhe Kisi Aur Ka #Intezar Nahi Hai...
Khamosh Agar Hun Main To Ye Wazood Hai Mera,,,
Tum Ye Na Samajhna Ki Tumse #Pyar Nahi Hai !!!
ज़रा सी है ये ज़िन्दगी, तक़रार क्या करना !
जब रहना है साथ साथ, तो रार क्या करना !
दुखित है वैसे भी मन, तमाशे देख दुनिया के,
फिर भरे बाज़ार में, तमाशा यार क्या करना !
काट लो खुशियों से, बची है जो ज़िंदगी यारो,
इसके लिए भी यूँही, नख़रे हज़ार क्या करना !
झेली हैं हमने मुश्किलें, वह अपना करम था ,
अपने लिए किसी और को, लाचार क्या करना !
न जीत पाया कोई भी, इन नफरतों के खेल में,
ज़िंदगी के सफर में, किसी पे वार क्या करना !