हम तो क़तरों से खुश हैं, समंदर ले के क्या करेंगे,
जब भटकना है नसीब में, तो ठाँव ले के क्या करेंगे !
जरा सी हवा से बिखर जाती है ज़िंदगी तिनकों में,
फिर तू ही बता दोस्त, कि तूफ़ान ले के क्या करेंगे !
अजीबो गरीब चाहतों ने मिटा दिया इस आदमी को,
हमें चाहिए जब चार रोटी, अधिक ले के क्या करेंगे !
जो लूटते हैं दुनिया को न जाने किस किस तरह से,
भला ऐसे महान पुरुषों से, हम हुनर ले के क्या करेंगे !
जब चाहिए थी ज़रा सी महक तब न मिल सकी ,
जब आखिरी दिन आ गए, तब चमन ले के क्या करेंगे !
Anjaan Ek Saathi Ka Iss Dil Ko Intzaar Hai,
Pyasi Hain Ye Aankhein Aur Dil Bekarar Hai...
Unke Saath Mil Jaye To Har Raah Aasan Ho Jayegi,
Shayad Issi Anokhe Ehsas Ka Naam Pyar Hai...
आये थे ऐसे कि, दिल में समा कर चले गए,
सो रहे थे चैन से, कि वो जगा कर चले गए !
न ठहरे वो इक पल भी मेरे गरीबखाने पर,
दिखा के बस झलक, जी दुखा कर चले गए !
न आया समझ कि ये हक़ीक़त है या सपना,
वो तो अजीब सी, हलचल मचा कर चले गए !
आये थे कुछ कहने मगर न कह सके शायद,
बस दिल की बातें, दिल में छुपा कर चले गए !
वैसे भी क्या कमी थी हमें रुसबाइयों की दोस्त,
जो यूं ही ढेर सारी, मायूसियां बढ़ा कर चले गए !
एक लड़की का एक्सीडेंट हो गया...!!!
डॉक्टर:- आपके पैर खराब हो गए हैं
लड़की:- क्या ये सही नहीं होंगे
डॉक्टर – नहीं इनको काटना पड़ेगा
लड़की:- ओह्ह नो अब मैं क्या करूँगी
डॉक्टर:- धीरज रखिये, ईश्वर सब ठीक करेगा
लड़की:- अरे मुझे उसकी टेंशन नहीं है,
दरअसल मैंने कल ही नयी सैंडिल खरीदी हैं...!!