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Girl with Brain

एक लड़की स्कूटी ले के सब्जी मंडी गयी
लड़की – मुझे सारे सड़े सड़े अमरुद दे दो
ठेलेवाला – सारे सड़े हुए ?
लड़की – हां सारे खराब अमरुद दे दो
ठेलेवाले ने सारे सड़े अमरूद
एक पॉलीथिन में भर दिये
लड़की – अब इस पॉलिथीन को साइड में रखो
और साफ़ अमरुद में से 1 किलो दे दो
कौन कहता है लड़कियों में दिमाग नहीं होता

Jab Jane Lage Bazar

कान्धे पर लिये झोला जाने लगे बाजार
लाना था घर के लिए सब्जी भाजी अचार।
तभी श्रीमती जी आईं देख मुझे इठलाईं
तनीक नहीं सकुचाईं और धीरे से फरमाईं।
कहाँ चल दिये आप? कुछ तो बोलिये जनाब
सुन मैने मुख खोला सुमधुर स्वर में बोला।
प्रिये बाजार जाने की तैयारी है
किन्तु ऐन वक्त पर तुम्हें टोकने की  यह आखिर कैसी बीमारी है।
सुन कर नाम बिमारी का नथुने उनके फुलने लगे
अब तक थे जो बन्द मुंह हौले से खुलने लगे।
कड़क स्वर में बोलीं जाना है तो जाईये पर जल्दी आईयेगा,
रास्ते में किसी सौतन से नजरे न मिलाईयेगा।
देख तैल की धार मैं थोड़ा झल्लाया
चिल्ला न सका,  प्रेम से ये समझाया।
अरे भाग्यवान मैं कभी भी ऐसा दुस्कार्य न करूंगा
एक जन्म की बात क्या सात जन्म बस तेरा ही रहूँगा।
सुन कर बाते मेरी वो थोड़ा शर्माईं हस के वो फरमाईंं।
चलिए चलिए बाते बनाना यही आपका काम है
इसी लिए तो इस शहर में आपका इतना नाम है।
जाईये किन्तु जल्दी आईयेगा
सब्जी खरीदते वक्त मुफ्त का धनिया न भुल जाईयेगा।
जल्द आईये हम आपका इंतजार करेंगे
आज आपके लिए फिर से सोलह श्रृंगार करेंगे।
आपहीं से सलामत मेरीदुनिया यह संसार है
आपहीं पर न्योछावर मेरा तन मन सारा प्यार है।
सुन-सुन कर ये बाते अब तक तो मैं थक चूका था
सच कहूं गर हृदय से तो शायद मैं पक चूका था।
बोला भाग्यवान जाने भी दो वर्ना देर हो जायेगी
सब्जी अगर जो नहीं मिली फिर तूं क्या पकायेगी !!!

Yaad Dilane Chale Aate Hain

कैसे हैं ये मौसम, जो सताने चले आते हैं,
फिर से #याद उनकी, दिलाने चले आते हैं !
कभी इतराते हैं #मोहब्बत के हसीन लम्हें,
कभी नफरतों के पल, रुलाने चले आते हैं !
पहले देते हैं लोग ग़मों का ज़हर खुद ही,
और बाद इसके, शोक जताने चले आते हैं !
कैसी है ये दुनिया और कैसे हैं लोग इसके,
कि #दिल जलों के, दिल जलाने चले आते हैं !
अफ़सोस कि न देखता कोई भी घर अपना,
मगर औरों का घर, वो जलाने चले आते हैं !
सब जानते हैं "मिश्र" कि ज़रा सी है ज़िंदगी,
फिर भी आग इसमें, वो लगाने चले आते हैं !!!

Wo Namak Lagane Aaya Tha

मैंने तो समझा कि, दर्द बंटाने आया था,
लगा कि दुःख में, साथ निभाने आया था !
दिखाए थे ज़ख्म सारे मरहम की आस में,
पर वो #बेवफा तो, नमक लगाने आया था !
चढ़ा दिया हमको बिना पतवार कश्ती पर,
और हम समझे कि, पार लगाने आया था !
पानी से भरी गागर फोड़ दी उसने यूं ही,
हम समझ बैठे कि, प्यास बुझाने आया था !
न समझ पाए हम इस दुनिया को अब तक,
वो था कि दस्तूर-ए-जफ़ा, निभाने आया था !!!

Tu itna pyar mat kar

ऐ दिल तू हर किसी से, इतना प्यार मत कर,
मस्त है ये दुनिया किसी का #इंतज़ार मत कर !
रहना है तुझे अकेला बस कर जुगत उसकी तू,
यारा किसी ओर के काँधे पर, ऐतबार मत कर !
न समझता है दुःख दर्द कोई भी किसी के अब,
अपने ग़मों का तमाशा, तू सरे बाज़ार मत कर !
चमकते #सितारे तो मलकीयत है आसमां की,
फ़िज़ूल उनकी चाहत में, #दिल बेक़रार मत कर !
बड़ी मुश्किल से पनपता है #मोहब्बत का गुलशन,
तू अपनी नफरतों से उसको, सुपुर्दे ख़ाक मत कर !!!