Padosi Ki Language Mein
बहुत उड़ा चुके शांति के कबूतर
आओ अब कुछ हथगोले बनाए...
जिस भाषा मे पड़ोसी समझे
उसे उसी की भाषा मे समझाए...
बहुत उड़ा चुके शांति के कबूतर
आओ अब कुछ हथगोले बनाए...
जिस भाषा मे पड़ोसी समझे
उसे उसी की भाषा मे समझाए...
यहां किसी को, किसी में भी दिलचस्पी नहीं,
लोगों के मुखड़ों पर, वो बात वो मस्ती नहीं !
अब याद आते हैं अपने वो गुज़रे हुए ज़माने,
मगर उधर भी, वो बस्ती अब वो बस्ती नहीं !
बड़ा ही अजीब दरिया है ये #ज़िन्दगी भी यारो,
यहां पतवार तो हैं, लेकिन कोई भी कश्ती नहीं !
इस शहर में न बना पाये किसी को भी अपना,
हूँ तो मैं #मुसाफिर ही, मेरी तो कोई हस्ती नहीं !
हर चीज़ नहीं है नसीबों में हर किसी के दोस्त,
ईमान छोड़ कर यहां, कोई भी चीज़ सस्ती नहीं !!!
नाज हमें है उन वीरों पर,जो मान बड़ा कर आये हैं
दुश्मन को घुसकर के मारा,शान बड़ा कर आये हैं...
मोदी जी अब मान गये हम,छप्पन इंची सीना है
कुचल मसल दो उन सबको अब,चैन जिन्होंने छीना है....
और आस अब बड़ी वतन की, अरमान बड़ा कर आये हैं
नाज हमें है उन वीरों पर,जो शान बड़ा कर आये हैं...
एक मरा तो सौ मारेंगे,अब रीत यही बन जाने दो
लहू का बदला सिर्फ लहू है,अब गीत यही बन जाने दो...
गिन ले लाशें दुश्मन जाकर,शमसान बड़ा कर आये हैं
नाज हमें है उन वीरों पर,जो मान बड़ा कर आये हैं....
अब बारी उन गद्दारों की,जो घर के होकर डसते हैं
भारत की मिट्टी का खाते,मगर उसी पर हँसते हैं...
उनको भी चुन चुन मारेंगे,ऐलान बड़ा कर आये हैं
नाज हमें है उन वीरों पर,जो मान बड़ा कर आये हैं......
वाशु शर्मा अब जान गए हम,शेरों की तरहा ही जीना है
समझ आ गया अब हमको भी,मर कर के भी कोई जीना है
और विश्वाश बढ़ा है सेना पर,दुश्मन को धूल चटा कर आये हैं
नाज हमें है उन वीरों पर,जो मान बड़ा कर आये हैं....
पति-मेरी शर्ट उल्टी करके प्रेस करना !!!
10 मिनट बाद पति:- मेरी शर्ट प्रेस हो गई?
पत्नी-नहीं
पति-क्यों?
पत्नी-उल्टी नहीं आ रही है...
हसीन राहों को देखा तो, बस चलता चला गया,
न कुछ सोचा न समझा, बस बढ़ता चला गया !
डर गया था देख कर अपनी मंज़िल के रास्ते,
बस जिधर भीड़ देखी उधर चलता चला गया !
पता न था कि वो तो धोखे के नज़ारे थे सारे,
बे-मंज़िल के सफर में, अँधेरा बढ़ता चला गया !
अपनी राह चलता तो मिल जाती मंज़िल शायद,
पर बे-खुदी की हवाओं में बस उड़ता चला गया !
पानी है मंज़िल तो मन को न भटकने दो यारो,
रोओगे सोच कर कि, वक़्त सरकता चला गया !