मिली है ज़िन्दगी, तो जीना भी आएगा,
दुनिया के ग़मों को, सहना भी आएगा !
अभी #उदास हैं ज़माने के सताए हैं हम,
मगर कभी तो यारो, हंसना भी आएगा !
चुप चुप के जी रहे हैं अब तलक तो हम,
पर एक दिन जुबां से, कहना भी आएगा !
हैं #नफरतें ही जिनका धरम आज कल,
कभी #मोहब्बत से उन्हें, रहना भी आएगा !
वक़्त की चट्टानों ने रोका है जिस पानी को,
बंधनों के हटते ही, उसे बहना भी आएगा !
जिधर देखता हूँ वो अपने से दिखते हैं सब,
कभी कसौटी पे, उनको कसना भी आएगा !!!
जली चिताओं पर वीरों की
लोग रोटियां सेक रहे हैँ
एक दूसरे के मुंह पर ये
कालिख जमकर फेंक रहे हैँ #राजनीति ये बन्द करो
आपस में ओछे तानों की
पतबारों को हाथ थाम लो
फ़िक्र करो तूफानों की
देश की इज़्ज़त बहुत बड़ी है
कुछ तो यारो शर्म रखो
लुटा दिए है लाल जिन्होंने
उन माँओं का मर्म रखो...
रोज रोज यहाँ नए खेल होते है रिश्ते टूटते और कमजोर होते है
हमारी आवारगी तो इससे अच्छी है रोज हमारे इन्तजार तो होते है
करती है करैक्टर हमारा दो मिनट में ये लड़कियां डिफाइन
तोड़ मिनटों में दिल हमारा ये लड़कियां कहती है आई कान्ट यू साइन
देख ये चिकने गोरे चहरे इंग्लिश बोर्ड वालो के बोलती है बेबी यू आर माइन
बट बेबी लिसेन टू मी आवारा हूँ डोंट वॉरी आई नेवर माइंड
रोज रोज यहाँ नए खेल होते है रिश्ते टूटते और कमजोर होते है
हमारी आवारगी तो इससे अच्छी है रोज हमारे इन्तजार तो होते है
दर्द आवारा का देख आई ऑलवेज माइंड सोचता हूँ जब आई नेवर फाइंड
क्यों वो आवारा है दिल उनके भी मोम होते है फिर वो ही क्यों बदनाम होते है
समझ आ गया वाशु यहाँ दिल नही चहरो से करैक्टर डिफाइन होते है
अगर मिलती है मोहब्बत जमाने से ये आवारा ही सबसे ज्यादा कुर्बान होते है
सोचता हूँ मैं भी आवारा बन जाऊ कुछ पल आवारगी के साथ बिताऊँ
पर ये मेरे आवारा दोस्त मुझे आवारा बनने नही देते, आवारगी के रंग देखने नही देते
मुझे फलक पे बैठा कर मुझको को पीने नही देते,नशा आवारगी का जीने नही देते
डरते है मैं कही बदनाम न हो जाऊ इस आवारगी में उनसे जुदा न हो जाऊ...