Bhagat Singh Fir Aate Hain
हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है,
सारे मंजर, सारे अंजाम बदल जाते है,
कौन कहता है "भगत सिंह" फिर नहीं पैदा होते ?
पैदा तो होते है बस नाम बदल जाते है
हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है,
सारे मंजर, सारे अंजाम बदल जाते है,
कौन कहता है "भगत सिंह" फिर नहीं पैदा होते ?
पैदा तो होते है बस नाम बदल जाते है
अपनी तो ज़िन्दगी का, बस फ़साना बन चुका है,
था दिल के क़रीब जो भी, वो बेगाना बन चुका है !
ये #चेहरे की मुस्कान तो बस दिखावा है यारो,
वरना तो दिल का हर कोना, अंजाना बन चुका है !
#ज़िन्दगी के सफर में न दौड़ पाए तेजी से यारो,
हम तो रह गए अकेले, आगे ज़माना निकल चुका है !
न समझ पाए हम तो दुनिया का ये गोरख धंधा,
रास्ते तो वही हैं मगर, अब आना जाना बदल चुका है !
सच्चाई और नेकी तो छूट गए बहुत पीछे दोस्तो,
हम से आगे मक्कारियों का, कारखाना निकल चुका है !
चोर (बन्दूक तानते हुए): ज़िन्दगी चाहते हो
तो अपना पर्स मेरे हवाले कर दो।
आदमी: यह लो।
चोर: कितने मूर्ख हो तुम,
मेरी बंदूक में तो गोली ही नहीं थी।
आदमी: मेरे पर्स में भी कहाँ रुपये थे !!! :D :P
सुकून मिलता है, जब मुलाक़ात होती है,
वो ज़िन्दगी की, एक हसीन रात होती है !
चले जाते हैं वो छोड़ कर जब साथ मेरा,
यादों में उनकी, ये सारी कायनात रोती है !
क्या करें #दिल को न मानता वो किसी की,
आँखों से, सावन भादों की बरसात होती है !
मिटा नहीं सकता कोई तक़दीर का लिखा,
जहां भी जाते हैं हम, वो हमारे साथ होती है !
ये #ज़िंदगी भी एक खेल है शतरंज का दोस्त,
इस में कभी तो शह, तो कभी मात होती है !
ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ।
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमट कर मरे हैं कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता ।
आओ नमन करें उन शहीदों का जो हुए हैं कुर्बान
इस ज़ज्बे से और हमें दे गए हैं यह आज़ादी तोहफे में।