Sar Dard Ki Goli
आज एक भाई साहब पेड़ पे उल्टा लटक रहे थे,
मैंने पूछा ऐसा किस ख़ुशी में लटके हो भाई?
भाई ने कहा: सिरदर्द की गोली खायी है,
कहीं पेट में न चली जाये :D :P
आज एक भाई साहब पेड़ पे उल्टा लटक रहे थे,
मैंने पूछा ऐसा किस ख़ुशी में लटके हो भाई?
भाई ने कहा: सिरदर्द की गोली खायी है,
कहीं पेट में न चली जाये :D :P
निगाहों को न जाने किसकी तलाश है,
रात दिन उसको ही पाने की प्यास है !
न कोई नाता न कोई रिश्ता है उससे ,
फिर भी अपनेपन का इक अहसास है !
चाहने वाले हमारे भी कम नहीं यारो,
पर दिल को उसकी चाहत ही खास है !
सूना पड़ा है अब दिल का आइना दोस्त,
ज़िगर का हर कोना उदास ही उदास है !
दो औरतों को 20 साल की सज़ा मिली,
20 साल तक जेल में एक ही कमरे में रहने के बाद
दोनों ने रिहा होने पे कहा,
चल बहन बाकी बातें फोन पे करते हैं !!! :D :P
हमें तो दिल लगाने के, अब लायक न छोड़ा,
दिल को और ग़म उठाने के, लायक न छोड़ा !
कुछ इस क़दर ज़ुल्म ढाये हैं अय ज़िंदगी तूने,
कि हमें तो मुस्कराने के, अब लायक न छोड़ा !
कभी बहुत रसूक था अपना भी जमाने में मगर,
बद वक़्त ने नज़र मिलाने के, लायक न छोड़ा !
अब तो आती है हंसी हमें अपने झूठे गुरूर पर,
ख़ुदाया ख़ुद को ही जमाने के, लायक न छोड़ा !
फ़ितरतों ने ऐसा खिलाया गुल अपनों के साथ,
कि हमें फिर से दिल मिलाने के, लायक न छोड़ा !
बस तमाम उम्र, गलती यही वो करता रहा,
औरों की गलतियां, अपने सर वो धरता रहा !
लिए फिरता रहा भले ही धूल चेहरे पे अपने,
मगर औरों के चेहरों को, साफ़ वो करता रहा !
न देखी खुशियां कभी उसके चेहरे पर हमने,
जाने कितनों के ग़म, दिल में वो भरता रहा !
अफ़सोस कि न दिया किसी ने साथ उसका,
खुद के लिए दुनिया से, अकेला वो लड़ता रहा !
तारीफ़ में शब्द भी बोनें नज़र आते है,
दगा के बाद भी, भला औरों का वो करता रहा !