माथे की सलवटों से, ग़मों को हटाना सीखो !
खुश रहो खुद भी व, औरों को हँसाना सीखो !
न आएगा कोई तुम्हारे ग़मों में होने शरीक़,
उलझनों को अपनी, खुद ही सुलझाना सीखो !
होगा क्या हासिल तुम्हें तन्हाइयों में बैठ कर,
यारा दुनिया की मुश्किलों से, टकराना सीखो !
ये जो दिल है उस पे न चलता बस किसी का,
इससे पहले कि बहक जाए, उसे मनाना सीखो !
ये अजीब दुनिया बदलती है रंग हज़ारों ,
अपनी #ज़िन्दगी के रंग, खुद सजाना सीखो !
उसका अक्स दिल से, अब तक न हटाया हमने,
ज़ालिम बेवफ़ा को, अब तक ना भुलाया हमने !
जलाया था उसने ही कभी मोहब्बत का दीया,
वो जल रहा है यूं ही, अब तक न बुझाया हमने !
लम्बी फेहरिस्त है उसकी जफ़ाओं की दोस्तो,
लेकिन ज़िगर उसका, अब तक न दुखाया हमने !
बहुत चोट खायी है इस नादान दिल ने मगर,
उसे अपने ज़ख्मों को, अब तक न दिखाया हमने !
ये जो दुनिया है ये तो बस मज़े लेती है दोस्त ,
हवा को भी अपना ग़म, अब तक न बताया हमने !
Raat ko roshni hoti hai kyuki
Chand chandni tumse leta hai...
Aap ke bina mere paas kya hai
Mera Dil dhadkn tumse leta hai
Chla gya hota mai is dunia se,
Mera man jine ki ass tumse leta hai...
बिना मतलब, कोई किसी का साथ नहीं देता,
कोई भी बिना लूटे, किसी को खैरात नहीं देता !
झूठ और मक्कारियों का चल पड़ा है दौर अब,
इस जहां में अब, कोई ईमान का साथ नहीं देता !
अब तो है जी हुज़ूरी ही कुशलता का प्रमाण पत्र,
मेहनत के बदले में, अब कोई सौगात नहीं देता !
बदमाश बन कर भले ही जीना हराम हो उसका,
फिर भी ये आदमी, शराफ़त का साथ नहीं देता !
दोस्तो अब रिश्ते भी ख़त्म हो चुके हैं इस कदर,
कि अब तो अपना भी, अपनों का साथ नहीं देता !!!