Page - 226

Aur Faasla badhta gya

Kuchh kadam hum chale
Kuchh kadam tum chale
Farq sirf itna raha
Hum chale to faasla ghat ta gya
Aur tum chale to faasla badhta gya...

Umar Bhar Rulane Ke Liye

क्यों चले आते हैं लोग, यूं ही जी जलाने के लिए !
कर के खुशियों का वादा, उम्र भर रुलाने के लिए !
खुद ही तो पास आते हैं दिलरुबा बन कर वो तो,
फिर कौन कहता है उन से, दूरियां बढ़ाने के लिए !
निभाते हैं कुछ लोग तो प्यार का बंधन उम्र भर,
पर कुछ लोग बनते हैं मीत, मतलब बनाने के लिए !
क्या जानेगा भला वो अश्कों की कीमत,
आता है जो बाज़ार में, धंधा ज़माने के लिए !

Aankhon Mein Tasveer Aapki

Judaa Hain To Kya Hua Doori To Nahi,
Baat Bhi Na Ho Aisi Majboori To Nahi,
Nazar Nahi Aate Ho Aap To Kya Hua,
In Aankhon Mein Tasveer Aapki Adhuri To Nahi!

Ehsan jatana zaroori nahi

एहसान करके जताना, ज़रूरी नहीं होता,
#चाहत है कितनी बताना, ज़रूरी नहीं होता !
ग़मों का ज़खीरा तो बस #दिल में होता है,
किसी का अश्क़ बहाना, ज़रूरी नहीं होता !
#ज़िन्दगी का सफर तय करना लाज़िम है,
हमसफ़र का साथ पाना, ज़रूरी नहीं होता !
#दौलत से खरीद सकते हो बहुत कुछ यारा,
पर रिश्तों को खरीद पाना, ज़रूरी नहीं होता !
ज़िन्दगी अपनी है जैसे भी जियो ,
दिल में क्या है ये बताना, ज़रूरी नहीं होता !

Zindagi ka rang badrang

मुझे तो हर तरफ, सिर्फ अँधेरा नज़र आता है,
ज़िंदगी का हर रंग, अब बदरंग नज़र आता है !
कभी गुज़रती थी सुबह ओ शाम बहारों में जहां,
अब वो गुलशन भी, मुझे वीरान नज़र आता है !
तसल्लियों के भरोसे कैसे जीते हैं लोग आखिर,
हमें तो हर पल, ये जमाना बेदर्द नज़र आता है !
ये दिल्लगी भी जाने क्या गुल खिलाती है यारो,
अच्छा भला सा आदमी, पागल सा नज़र आता है !
कितना भरा है #ज़हर दुनिया के लोगों में,
जब निकलता है वो, आदमी शैतान नज़र आता है !