जाने क्यों लोग, किसी का दिल तोड़ देते हैं,
अपनों से नाता तोड़ के, गैरों से जोड़ लेते हैं !
ज़रा सा भी दर्द नहीं होता दिलों में उनके,
कि बिना शर्मो हया, के वो मुख मोड़ लेते हैं !
कोई तो खो देता है सब कुछ प्यार में उनके,
पर वो फ़रामोश, याद करना भी छोड़ देते हैं !
यादों के सहारे जिए भी तो कोई कैसे जिए,
लोग उनमें भी अब, सुलगते शोले छोड़ देते हैं !
ख़ुदाया अब #प्यार भी बिकने लगा है ,
दौलत के वास्ते लोग, गरीब को छोड़ देते हैं !
दुनिया में खुशियों के नज़ारे, कम नज़र आते हैं,
हर किसी के दिल में, गम ही गम नज़र आते हैं !
जब ठहर जाता है #ज़िन्दगी का कारवां कहीं पे,
पीछे यादों की गर्द, आगे रस्ते बंद नज़र आते हैं !
फ़ितरतों से बाज़ नहीं आता फिर भी ये आदमी,
मुखौटा #प्यार का, पर दिलों में ख़म नज़र आते हैं !
दिन रैन लगे रहते हैं लोगों का हितैषी जताने में,
मगर ईमानो धरम, खोये हुए हरदम नज़र आते हैं !
अंत नहीं ख्वाहिशों का लोगों के दिलों में दोस्तों,
अधूरी ख्वाहिशें से आहत, चेहरे बेदम नज़र आते हैं !