तेरी मोहब्बत, मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा है
तेरी #मुस्कान, मेरी ज़िन्दगी का किस्सा है
न तौल मोहब्बत को लफ़्ज़ों के पैमाने से,
ये तो दिल का दिल से, बंदगी का रिश्ता है
न सोचना ख़्वाब में भी कि अकेले हो दोस्त,
अब हर पल संग तेरे, मौजूदगी का रिश्ता है
बदल जाये वक़्त पर हम न बदलेंगे दोस्त,
वक़्त से अलग, ये तो #दीवानगी का रिश्ता है
दिल खुश नहीं, तो ज़माना बुरा लगता है
किसी का भी हमें, घर आना बुरा लगता है
छा जाती है एक अजीब सी धुंध दिल पे,
मधुर संगीत का, हर तराना बुरा लगता है
जब दिल होता है किन्हीं ख़यालों में ग़ुम,
तो ज़िंदगी का, हर अफ़साना बुरा लगता है
हार जीत तो बस एक सोच भर है,
पर किसी हारे हुए को, हराना बुरा लगता है...