ग़म देकर रुला देने की, आदत है उसकी
दूर खड़े खड़े मुस्काने की, आदत है उसकी
बस अजब से रंग दिखा कर ज़िंदगी को,
यूँ ही तमाशा दिखाने की, आदत है उसकी
मोहब्बत तो बस एक खेल है उसके लिए,
लोगों का दिल दुखाने की, आदत है उसकी
पकड़ के रखना अपनी तक़दीर को तुम,
झटके से दिल तोड़ देने की, आदत है उसकी...
गर मुझे मुकद्दर पे ऐतबार है तो तेरी वजह से
घर का गुलशन गर गुलज़ार है तो तेरी वजह से
आज दुनिया मेरी तलबगार है तो तेरी वजह से
मुझको अपनों से इतना प्यार है तो तेरी वजह से
तू ही बता दे कैसे भुला दूँ तुझको अय मेरे ख़ुदा
आज मेरी रगों में खून बरक़रार है तो तेरी वजह से
जब कभी मैं लड़खड़ाया बस तूने उठाया थाम कर
मेरा खुशियों से भरा ये संसार है तो तेरी वजह से
घायल है आदमी इस दुनिया की ठोकरों से बेशक
मगर फिर भी दिलों में क़रार है तो तेरी वजह से
इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं,
कफ़न में लिपट कर कुछ #अरमान जा रहे हैं,
जिन्हें मिली #मोहब्बत में बेवफ़ाई,
वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं...
जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा,
जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा...
बिना संघर्ष के इन्सान चमक नही सकता,
जो जलेगा उसी दिये में तो, उजाला होगा...
जो न समझा कोई, वो ज़ज्बात हूँ मैं
सुबह की चाह में गुज़री, वो रात हूँ मैं
निभाने से डरते हैं क्यों लोग रिश्ते,
न बिखरे कोई रिश्ता, वो हालात हूँ मैं
हर सवाल का जवाब होता है मगर,
जो लाज़वाब हो बस, वो सवालात हूँ मैं
भागते हैं लोग क्यों छोड़ कर ज़िंदगी,
जो न कर सके कोई, वो करामात हूँ मैं
न सुनता है कोई किसी की बात,
मगर जो है सुनाने के लिए, वो बात हूँ मैं