Wo Saath Hu Main
Jo koi samajh na sake wo baat hu Main,
Jo dhal ke nayi subah laye wo raat hu Main,
Chhod dete hain log rishte banakar,
Jo kabhi chhod na jaye wo saath hu Main...
Jo koi samajh na sake wo baat hu Main,
Jo dhal ke nayi subah laye wo raat hu Main,
Chhod dete hain log rishte banakar,
Jo kabhi chhod na jaye wo saath hu Main...
एक फ्लैट में घंटी बजती है
और महिला जो घर में अकेली है दरवाज़ा खोलती है ...
भिक्षुक:- माई, भिक्षा दे
महिला:- ले लो, महाराज
भिक्षुक:- माई ... ज़रा यह द्वार पार करके बाहर तो आना
वह द्वार पार करके बाहर आती है।
भिक्षुक (उसे पकड़ते हुए ): हा .. हा ... हा ... मैं भिक्षुक नहीं, रावण हूं !
महिला: हा .. हा .. हा ... मैं भी सीता नहीं, कामवाली बाई हूँ :D :P
रावण : हा..हा..हा.. सीता का अपहरण करके आज तक पछता रहा हूं,
तुम्हें ले जाऊंगा तो मंदोदरी खुश हो जायेगी।
मुझे भी कामवाली बाई की ही ज़रूरत है ;) :D
महिला : हा, हा, हा !
सीता को ढूंढने सिर्फ राम आऐ थे
मुझे ले जाओगे तो सारी बिल्डिंग ढूंढते पहुंच जाएगी :D :P
Raavan Shocked
किसी की बेवफाई पे, दिल हर पल लरजता है
चेहरे पर मुस्कान, पर अंदर तूफ़ान मचलता है
कोई देखे #दिल चीर के तो पता चले यारों को,
उसके हर कोने में, उसका ही अक़्स झलकता है
न माँगा ज़िन्दगी में कुछ अपने लिए ख़ुदा से,
दिल है की बस, उसकी ख़ुशी के लिए तड़पता है
नफरतों की बस्ती में ज़रा से प्यार की खातिर,
इस नादान दिल को, ज़माना बेभाव झिडकता है
अब कहाँ उड़ गए वो #मोहब्बत के परिंदे,
प्यार के उपवन में, हर डाली का दिल सिसकता है
एक बेटा अपने बूढ़े पिता को वृद्धाश्रम में छोड़कर वापस लौट रहा था;
उसकी पत्नी ने उसे यह सुनिश्चत करने के लिए फोन किया
कि पिता त्योहार वगैरह की छुट्टी में भी वहीं रहें घर ना चले आया करें !
बेटा पलट के गया तो पाया कि उसके पिता वृद्धाश्रम के प्रमुख के साथ
ऐसे घलमिल कर बात कर रहे हैं जैसे बहुत पुराने और प्रगाढ़ सम्बंध हों
तभी उसके पिता अपने कमरे की व्यवस्था देखने के लिए वहाँ से चले गए
अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए बेटे ने अनाथालय प्रमुख से पूछ ही लिया:-
"आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ? "
मुस्कुराते हुए वृद्ध ने जवाब दिया:- "पिछले तीस साल से...
जब वो हमारे अनाथालय से एक अनाथ बच्चे यानि कि तुमको गोद लेने आए थे !!!