तेरे साथ कितनी थी हसीन ज़िंदगी
अब तेरे बिन है ये एक सज़ा ज़िंदगी
तेरा साथ था कितने मज़े में थे हम
अब तेरे बिन है बड़ी बेमज़ा ज़िंदगी
तूने ही संवारा था कभी जतन से इसे
खुद ही क्यों उज़ाड़ दी बेवजह ज़िंदगी
हमने तो तुझ में हमेशा ही देखा ख़ुदा
उसने ही बना के क्यों मिटा दी ज़िंदगी ?
दिलों में नफ़रत, चेहरों पर मुस्कान रखते हैं
वो नज़रों से छुपा कर, तीर कमान रखते हैं
मौका मिलते ही उतार देते हैं तीर दिल में,
ग़ज़ब है कि फिर भी, वो शीरी ज़ुबान रखते हैं
कैसा ये शहर यहां हर तरफ यही शोर है, कि
यहाँ के लोग अपनी जेबों में, ईमान रखते हैं
किसी भूखे को एक निबाला न दे सके कभी,
फिर भी ज़न्नत पाने का, वो अरमान रखते हैं...
टीचर स्टूडेंट से :- "सोनू शराब नहीं पीता है"
इसमें सोनू क्या है? ??
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स्टूडेंट -इसमें सोनू "माता रानी" का भक्त है
और उसने नवरात्रा का व्रत रखा हुआ है :D :P
मुद्दत गुज़र जाती है अपनों को अपना बनाने में,
वक़्त यूं ही गुज़र जाता है बस मुश्किलें सुलझाने में...
कभी लगता है कि #दुनिया में सभी तो अपने हैं,
मगर #जिंदगी सिमट जाती है रिश्तों को निभाने में...
मुझे को अब तुझ से भी #मोहब्बत नहीं रही,
ऐ #ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उस के #इंतज़ार के वो जलते दिए,
कहीं भी आस-पास उस की आहट नहीं रही...