अभी तो दिन बाक़ी है ज़रा शाम तो होने दो #दिल में दर्द काफी है ज़रा आराम तो होने दो
अभी लौट कर घर जाने की फुरसत नहीं हमें
नाम तो कमा लिया ज़रा #बदनाम तो होने दो
चला जाऊँगा इक दिन इतनी भी क्या जल्दी
ज़रा सा सब्र तो करिये मेरा काम तो होने दो
खड़ा हूँ उनकी चौखट पर उनके दीदार के लिये
खुदा के वास्ते मेरे जीने का इंतज़ाम तो होने दो...
यूं तो अब सांस लेना भारी है
फिर भी अपना सफर जारी है
यहाँ बिकते हैं मुफ्त में दिल
ये भी भला कैसी दुकानदारी है
शक्ल तो इंसान की है मगर
कोई परिंदा तो कोई शिकारी है
टूटते हैं दिल गमों की नोंक से
हमें तो गमों की चोट प्यारी है
लोग सोचते हैं कि खुश हैं हम
मगर दोस्ती ग़मों से हमारी है...
मेरे सूने उपवन को फिर से बहारें दे दी तूने
मायूस दिलों को खुशियों की फुहारें दे दी तूने
कैसे शुक्रिया अदा करूं मैं तेरा अय मेरे खुदा
मुझको फिर से वो वचपन की यादें दे दी तूने
तेरी इनायत से कितना खुश हूँ मैं क्या कहूँ
मेरे सूखे जीवन में फिर मेघ मल्हारें दे दी तूने
मेरे एक नन्हें से फरिश्ते को मेरी गोदी में दे कर
मनके आँगन में खुशियों की बरसातें दे दी तूने...
हम आँखों से अश्क ढलने नहीं देते
अरमान दिल से निकलने नहीं देते
दिल भले ही तडपता रहे रात दिन,
फिर भी हम उसे भटकने नहीं देते
अपनों की बात क्या है हमतो यारो,
गैर को भी दिल से निकलने नहीं देते
यादों के अंधेरों में गुम रहते हैं हम,
उनके साये हमें चैन से रहने नहीं देते
सोचता हूँ कि भला कैसे बढ़ूंगा आगे,
उनके बिछाये कांटे मुझे चलने नहीं देते...
अर्ज किया है जरा गौर फरमाईये ....
.
उनकी गली से गुजरा
तो चौबारा नजर आया ....
.
उनकी गली से गुजरा
तो चौबारा नजर आया ....
.
उसकी माँ ने देखा तो बोली,
हाथ पाँव तुडवा दूँगी
अगर दुबारा नजर आया !! ;-( :D