Door Walo Ki Yaad Aati Hai
जो पास हैं उसकी कोई बात नहीं करता
सिर्फ दूर वालों की याद आती है
घर की मुर्गी की कोई कद्र नहीं करता
सिर्फ गैरों की मुर्गी याद आती है
पिंजड़े के परिंदे की बात कोई नहीं करता
जो उड़ गया सिर्फ उसकी याद आती है
जो पास हैं उसकी कोई बात नहीं करता
सिर्फ दूर वालों की याद आती है
घर की मुर्गी की कोई कद्र नहीं करता
सिर्फ गैरों की मुर्गी याद आती है
पिंजड़े के परिंदे की बात कोई नहीं करता
जो उड़ गया सिर्फ उसकी याद आती है
ज़िंदगी की उलझनों में, कुछ ज्यादा ही मशगूल हो गये
जिनको दिल के करीब समझा, वो भी प्रतिकूल हो गये
ये ज़िंदगी भी क्या क्या दिन दिखाती है,
फूलों सी जिंदगी दी जिनको, उनके लिये हम सूल हो गये...
सज्जन दौड़ रहा है इज़्ज़त बनाने के लिये
तो दुर्जन दौड़ रहा है कुचक्र चलाने के लिये
कुछ लोग दौड़ रहे हैं रोटी कमाने के लिये
कुछ लोग दौड़ रहे हैं रोटी पचाने के लिये
चोर दौड़ रहा है कहीं माल छिपाने के लिये
तो सिपाही दौड़ रहा है फ़र्ज़ दिखाने के लिये
कोई दौड़ रहा है अपनी सेहत बनाने के लिये
तो कोई दौड़ रहा है मोटापा घटाने के लिये
हर कोई दौड़ रहा है अपने हिस्से की दौड़,
या कुछ पाने के लिये या कुछ गंवाने के लिये
Hai jo lahu mera, behta chala
Dekho junoon mera, kehta chala
Khaabon ka tha makaan jo dehta chala
Bezubaan kab se main raha
Begunaah sehta main raha...
Kadar Karni Hai To Zindagi Mein Karo
Janaza Uthane Ke Waqt To
Nafrat Karne Wale bh Ro Parhte Hein..!!!