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Usko Kissan Ham Kehte Hain

पैर हों जिनके मिट्टी में, दोनों हाथ कुदाल पर रहते हैं
सर्दी , गर्मी या फिर बारिश, सब कुछ ही वे सहते हैं
आसमान पर नज़र हमेशा, वे आंधी तूफ़ां सब सहते हैं
खेतों में हरियाली आये, दिन और रात लगे रहते हैं
मेहनत कर वे अन्न उगाते, पेट सभी का भरते हैं
वो है मसीहा मेहनत का, उसको किसान हम कहते हैं

Main Intzaar naa karti to kya karti

वो कह कर गया था मैं लौटकर आउंगा
मैं इंतजार ना करती तो क्या करती
वो झूठ भी बोल रहा था बड़े सलीके से
मैं एतबार ना करती तो क्या क्या करती....

What is Real Tension

What is Tension ?..
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1 sundar ladki ne aapse lift mangi...
Raste me uski tabiyat kharab ho gayi...
aap use hospital le gaye.
Doctor bola : 'Mubarak ho aapbaap banne wale ho'
Lo ho gayi tension............

Aap bole me iska Baap nahi hu,
Ladki boli yahi iska baap hai.
Aur tension!........

Police aayi aur apka medical checkup hua.
Report aayi Ke aap to kabhi baap ban hi nahi sakte.
Sala aur tension!...

Aapne Thank god kaha aur bahar aa gaye....
Fir yaad aaya ghar me do bacche hain wo kiske hein ?
REAL TENSION....

Netaon Ki Parakh Kyun Nahi Karte

आलू प्याज छाटने में हम, कितना वक्त लगाते हैं
सब्जी मॅंडी में घूम घूम कर, छाट के सब्जी लाते हैं
पर क्या कारण है नेताओं की, परख नहीं हम करते
क्यों उनको सब्जी की तरह, छाट के अलग नहीं करते
जिस प्रकार इक सड़ा टमाटर, सब्जी का भाग नहीं होता
उसी तरह इक कुटिल आदमी, देश का भाग्य नहीं होता
बस इतनी सी बात समझ कर,गर जनता जागरूक होती
तो कभी स्वदेश की माली हालत, इतनी कुरूप नहीं होती

Ye Har Majdoor Ka Kissa Hai

शोषण होता मज़दूरों का, किसी को इसका ध्यान नहीं
उनकी कीमत कितनी है, किसी को इसका ज्ञान नहीं
ठेकेदार और मालिक मिलकर, उनका शोषण करते हैं
खुद लाखों लाख कमा कर बस, अपना पोषण करते हैं
सुबह से लेकर शाम तलक, वो मेहनत करते रहते हैं
क्या उनका हिस्सा मिलता है, या यूं ही खटते रहते हैं
मालिक की अथाह कमाई में,मेहनत का कितना हिस्सा है
इसकी गणना कोई न करता,ये हर मज़दूर का किस्सा है
जिस विकास की बात कर रहे, वो मज़दूरों की थाती है
नेतागण जो डींग हांकते, वो कभी न हमको भाती है