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Dil Ki Ye Dhadkan

Dil Ki Ye Dhadkan hindi shayari status

अपने जज़्बात किसी को, हम बताएं कैसे
अपने दिल 💗 की ये धड़कनें, हम सुनाएँ कैसे !
अंदर छुपा रखा है हमने प्यार का समंदर,
चीर कर अपने दिल को 💔, हम दिखाएँ कैसे !
कोई तो बताये हमको क्या खता है हमारी,
अपनी वफ़ाओं का मातम, हम मनाएं कैसे !
अच्छा सिला दिया है मोहब्बत का हमको,
इन झूठी तोहमतों से दामन, हम बचाएं कैसे !
अब झूठ ही बिकता है इधर धड़ल्ले से दोस्त,
अब तो सच के साथ जीवन, हम बिताएं कैसे ! 😔 🙁

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Jinke Paas Mohabbat

रूतबा ही अलग होता है उन आँखों का,
जिनके पास उनकी #मोहब्बत होती है...

वरना कुछ क़तरे ही काफी होते हैं हमेशा
किसी नज़र की वीरानी बता जाने को !!!

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Zindagi udhaar samajh kar

जीते रहे हैं ज़िन्दगी, किसी का उधार समझ कर ,
निभाते रहे हम रिश्ता, किसी को प्यार समझ कर !
देते रहे सबूत हम अपनी बेगुनाही का हर समय,
पर भुला दिया उसने, हमें गुज़री बहार समझ कर !
बदल गया है सब कुछ ये तो किस्मत की चाल थी,
मगर नज़रें घुमा लीं उसने, हमें बदकार समझ कर !
न पढ़ सके हम उसके चेहरे की इबारत को दोस्तो,
हमने तो दे दिया था दिल, अपना ऐतबार समझ कर !
अब तो ये मोहब्बत भी एक बिकाऊ चीज़ है दोस्त ,
लोग कर देते हैं माल वापस, उसे बेकार समझ कर !

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Bura Waqt Aata Hai To

Bura Waqt Aata Hai To hindi shayari status

आता है बुरा वक़्त, तो उजाले भी डराने लगते हैं ,
यारो चूहे भी शेर को, अपना दम दिखाने लगते हैं !
अब कहाँ हैं वो लोग जो होते थे शरीक हर ग़म में,
अब तो दिल ही दिल, लोग खुशियां मनाने लगते हैं !
गर लेनी हो सलाह तो कही जाने की ज़रुरत क्या है,
इधर तो मुफ्त में लोग, अपनी अक्ल लगाने लगते हैं !
भुगतना है खुद को ही तो किसी को तंग क्या करिये,
लोग तो ज़रा सी बात का भी, बतंगड़ बनाने लगते हैं !
आता है अगर पतझड़ भी तो बहारें भी आती हैं दोस्त,
मगर बेसब्र इतने हैं लोग, कि कोहराम मचाने लगते हैं !

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TO KYA KAROON

गर सताएं उनकी यादें, तो क्या करूँ,
गर चाहूँ उनसे मिलना, तो क्या करूँ!
हो सकती है मुलाक़ात ख्वाबों में बस,
मगर न सोएं मेरी आँखें, तो क्या करूँ!
कहते हैं लोग कि खुश रहा करो दोस्त,
मगर न मचले मेरा दिल, तो क्या करूँ!
कहते हो कि भूल जाओ गुज़रा ज़माना,
पर न निकलें दिल से बातें, तो क्या करूँ!
अरमां तो हैं मेरे भी कि खुश रहा जाये,
मगर दिल से न निकलें ग़म, तो क्या करूँ!
ये चाहत है मेरी कि न हो दुश्मनी उनसे,
मगर न बदले उनकी, आदत तो क्या करूँ!!!
 

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