Ek Din Sambhal Jaunga Main
मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा मैं,,,
तेरा #वादा तो नहीं हूँ जो कि बदल जाऊँगा मैं...
मुझको ना समझाओ मेरी #जिंदगी के असूल यारों...
एक दिन खुद ही ठोकर खा के संभल जाऊँगा मैं..!!!
मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा मैं,,,
तेरा #वादा तो नहीं हूँ जो कि बदल जाऊँगा मैं...
मुझको ना समझाओ मेरी #जिंदगी के असूल यारों...
एक दिन खुद ही ठोकर खा के संभल जाऊँगा मैं..!!!
अपने दुखड़े, ओरों को सुनाने से क्या मिलेगा
अपने ज़ख्म, ओरों को दिखाने से क्या मिलेगा
ज़रा से लम्हें बस बचे हैं इस ज़िंदगी के यारो,
आखिर उन्हें, रो-रो कर गंवाने से क्या मिलेगा
कोई किसी के गम नहीं बांटता आज कल यहां,
आखिर तुम्हें, यूं फज़ीहत कराने से क्या मिलेगा
जो बोया है काटना पड़ेगा खुद को ही आखिर,
किसी ओर पर, तोहमत लगाने से क्या मिलेगा....
लौट जाओ अपनी दुनिया में, जहाँ सब कुछ तुम्हारा है
जो दिख रहा है तुझको आगे, एक छलावा है शरारा है
जल जायेंगे तेरे अरमान भी मिट जायेगा तू भी यारा
इन गंदगी की राहों में, न कोई हमारा है न तुम्हारा है
गुनाहों के समंदर में गर घुस गये इक बार भी तुम,
भटक कर रह जाओगे उसमें, न कोई उसका किनारा है...
किसी ने मिट्टी का बना दिया
किसी ने पत्थर का बना दिया
मैंने तो जान बख्शी थी सबको
पर सबने मुझे बेजान बना दिया
वाह रे #इंसान अज़ब है तेरी लीला
मुझे तूने क्या से क्या बना दिया
बिकने लगा हूँ बाजार में अब तो
तूने मुझे बिकाऊ माल बना दिया
दिलों में रखने की न थी गुंजाइश
तो अलग से मेरा घर बना दिया....
कैसे करें ऐतबार हम, भला गैरों की जात पर
जब होते हैं खुश अपने ही, अपनों की मात पर
सबसे पहले पूछते हैं खैरियत वो ही अक्सर,
जो छुप के घात करते हैं, बस ज़रा सी बात पर...