हमारी तड़प की बात छोडो...
सुना है खुदा भी उनके दीदार को तरसता है...
तुझसे मिलने की दरकार में....
तो ये आइना भी चमकता है...
क्यूँ आज #उदास सा है मेरा #चाँद यारो......
उसे मनाने की फिराक में तो
अम्बर को चीर कर #सूरज निकलता है...!!
आज कल दुनिया में यारो,
कोई किसी का #हमदर्द नहीं होता
लोग जनाज़े में भी न जाते,
गर खुद मरने का डर नहीं होता
मतलब परस्त #दुनिया में
सिर्फ अपना हित देखते हैं लोग,
आज कल किसी के पास,
गिरे को उठाने का ज़िगर नहीं होता...
अगर बिकी तेरी #दोस्ती,
तो पहले ख़रीददार हम होंगे..!
तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत,
पर तुझे पाकर सबसे #अमीर हम होंगे! #दोस्त साथ हो तो रोने में भी शान है.
दोस्त ना हो तो महफिल भी शमशान है!
सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे दोस्त,
वरना #जनाजा और #बारात एक ही समान है !!
प्यार का सिला:
तेरे #प्यार का सिला हर हाल में देंगे,
खुद भी मांगे तो ये #दिल को ताल देंगे,
अगर दिल ने कहा तुम #बेवफा हो,
तो इस दिल को भी सीने से निकल देंगे...
दीवाने हैं तेरे हर इनायत हर खुशी आपकी हो,
महक उठे वो #महफ़िल जिसमे हँसी आपकी हो,
कोई भी लम्हा आप उदास ना हो,
खुदा करे #ज़न्नत जैसी ज़िंदगी आपकी हो.....