Teri dosti rahegi zindagi bankar
Wo Dil kya jo dost ke liye dua na kare,
Tujhe bhool kar jiu khuda na kare,
Rahegi teri dosti meri #Zindagi bankar,
Ye baat aur hai ki zindagi wafa kare na kare...
Wo Dil kya jo dost ke liye dua na kare,
Tujhe bhool kar jiu khuda na kare,
Rahegi teri dosti meri #Zindagi bankar,
Ye baat aur hai ki zindagi wafa kare na kare...
शहर की चका चोंध में, सब कुछ भुला दिया हमने
मिट्टी का वो घर, वो आँगन, सब भुला दिया हमने
मां की सुनाई लोरियां भी हमें याद नहीं अब,
इस शहर के शोर में, मां का प्यार भुला दिया हमने
जिंदगी का ताना बाना, न जाने क्यों उलझ जाता है
मैं एक छोर ढूढता हूँ, तो कहीं दूजा खिसक जाता है
सच कहा है किसी ने कि जीना आसान नहीं,
हम तो क्या, जमीं पर आकर भगवान भटक जाता है
कभी हमदम बनाते हैं, कभी नफरत दिखाते हैं
कभी आँखें मिलाते हैं, कभी आँखें दिखाते हैं
उनकी अदा है बस ऐसी,
कभी दिल से लगाते हैं, कभी नखरे दिखाते हैं
मैं क्यों किसी के कहने से अपनी आवाज़ बदल डालूं
मैं क्यों किसी के कहने से अपना अन्दाज़ बदल डालूं
दिल से निकलने वाला एहसास है शायरी,
मैं क्यों किसी के कहने से अपने एहसास बदल डालूं