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Har Chehre Pe Mukhote

हर किसी ने चेहरे पे अब, मुखौटे लगा रखे हैं !
किसी ने मुस्कान, किसी ने ग़म सजा रखे हैं !
अंदर की असलियत भला कैसे जान पाएं हम,
अब लोगों ने अपने दिलों पर, पर्दे लगा रखे हैं !
घूमते हैं भेड़िये अब आदमी की शक्ल में यारो,
उसने #दिल में फितरतों के, तूफ़ान सज़ा रखे हैं !
न रहीं आसान अब ज़िन्दगी की वो राहें,
रोकने के लिए राहों में, अब कांटे बिछा रखे हैं !

Aisi Hasrat Hai Meri

जमीं पे रह कर, आसमां झुकाने की फितरत है मेरी !
जो न मिल सका किसी को, पाने की हसरत है मेरी !
न चला हूँ मैं अकेला न चलूँगा कभी आगे भी दोस्तो,
ख़ुदाया दुनिया का प्यार, पाने की बस हसरत है मेरी !
ये ज़िन्दगी का सफर तो ग़मों का समन्दर है यारो,
पर इस राह की हर जोखिम, उठाने की आदत है मेरी !
मेरे अहसास को कोई समझे या न समझे ग़म नहीं,
मगर बुझते हुए चरागों को, जलाने की आदत है मेरी !
कोई माने या न माने ये तो दीगर सी बात है,
मगर यूंही हस्र नफरतों का, बताने की फितरत है मेरी !!!

Zindagi Mohabbat Ke Sahare

किसी को बेसबब, यूं सताने की कोशिश न करो !
अपनी गलती पे, मुँह छुपाने की कोशिश न करो !
बिता दो ज़िन्दगी बस मोहब्बत के सहारे यारो,
यूं ही झूठे सपनों को, सजाने की कोशिश न करो !
ये ख्वाहिशों के मेले तो न होंगे ख़त्म मरने तक,
जो मिल गया है, उसे गवाने की कोशिश न करो !
न बदलो जश्ने #ज़िन्दगी को यूं ही रुसबाइयों में,
जज़्बात ए #दिल को, दिखाने की कोशिश न करो !
गर बदलोगे ख़ुद तो बदलेगा ज़माना भी दोस्तों,
व्यर्थ औरों को यूं, बदलवाने की कोशिश न करो !!!

Agar Teri Yaad Naa Aaye

Akele mein agar #Yaad teri na aaye,
To wo #Tanhai kis kaam ki,
Bane na agar bigde rishte,
To aisi khudai kis kaam ki,
Hume apni #manzil tak jana hai beshak,
Magar tum na dikho jaha se, wo uchaai kis kaam ki !!!

Zindagi Ke Ajeeb Khel

ये #ज़िंदगी के खेल भी, कितने अजीब होते हैं !
सच्चाई की राह में, हमेशा काँटे नसीब होते हैं !
न चाहता है कोई भी अपनों से दूर होना मगर,
देते हैं वही धोखे, जो ज़िगर के करीब होते हैं !
ठुकराते हैं जो किसी को भी दौलत के नशे में,
सच्चाई तो ये है, कि वो #दिल के गरीब होते हैं !
जो ढूढने लगते हैं खोट अपनों के दिलों में भी,
यारो वो लोग तो, सचमुच में बदनसीब होते हैं !!!