Dunia Badalna Chahta Hun
करने को तो बहुत कुछ करना चाहता हूँ,
पर न जाने क्यों कुछ कर नही पाता हूँ ,
बदलने को तो #दुनिया को बदलना चाहता हूँ।
पर न जाने क्यों खुद को ही बदल नही पाता हूँ।
करने को तो बहुत कुछ करना चाहता हूँ,
पर न जाने क्यों कुछ कर नही पाता हूँ ,
बदलने को तो #दुनिया को बदलना चाहता हूँ।
पर न जाने क्यों खुद को ही बदल नही पाता हूँ।
ऐ दोस्त, सहारा औरों का तकना छोड़ दे,
ये तो वो कर देगा, ये यकीन करना छोड़ दे
हर राह में मिलते हैं यूं तो कांटे और पत्थर,
फिर भी ये दुनिया भला, कैसे चलना छोड़ दे
बदलना ही है तो खुद को बदल डालो दोस्त,
मगर ये दुनिया भला, कैसे बदलना छोड़ दे
अंधेरों से है दोस्ती तो किसी को क्या गिला,
मगर ये सूरज भला, कैसे निकलना छोड़ दे
निठल्लों को फुर्सत नहीं बातें बनाने से,
मगर मेहनती भला कैसे, काम करना छोड़ दे...
दुनिया की झूठी रिवायतें, तोड़ने की कोशिश में हूँ,
टूटे दिलों की ख्वाहिशें, मैं जोड़ने की कोशिश में हूँ !
मोड़ लिए थे रास्ते कभी अंधेरों की तरफ जिन्होंने,
उनकी राहों को उजालों में, मोड़ने की कोशिश में हूँ !
देखना है कि भरा है कितना विष अपनों के दिलों में,
बस वो ज़हर भरी गागर, मैं तोड़ने की कोशिश में हूँ !
ज़रा सी बात को इज़्ज़त का सवाल बना लेते हैं लोग,
भरा है जो दिलों में अहम, मैं तोड़ने की कोशिश में हूँ !
भूल गए हैं लोग अपने अतीत का वो सफर,
उन्हें फिर पुराने सफर पे, मैं छोड़ने की कोशिश में हूँ !
कुछ बेचना चाहो तो, दाम घट जाते हैं अक्सर,
खरीदना है कुछ भी, दाम बढ़ जाते हैं अकसर !
न झांकता कोई भी हमारी ज़रुरत पे कभी भी,
मगर अपने मतलब से, दिल दुखाते हैं अकसर !
कर डाली क़ुर्बान जिन पर सारी दौलतें हमने,
हमसे वो बच्चे भी अब, दूरीयां बनाते हैं अक्सर !
वक़्त के साथ बदल जाती हैं दुनिया की रस्में,
जो दिखते थे कभी अपने, बदल जाते हैं अक्सर !
इसी को कहते हैं असलियत में #ज़िन्दगी ,
जहां बहार हो या पतझड़, आते जाते हैं अक्सर !!!
गर बस में नहीं है कुछ भी, तो झूठा दिलासा तो दे !
चल बातों का ही सही, दिल को कुछ सहारा तो दे !
डूबते हुए को तो तिनके का सहारा भी काफी है,
कम से कम तू, साथ निभाने का कोई वादा तो दे !
तू समझता है कि शायद तेरा भी गुनहगार हूँ मैं,
तो तू भी मुझ को, दी सजा का कुछ इशारा तो दे !
सींचा है प्यार का ये पौधा बड़े ही जतन से दोस्त,
कर दे बर्बाद मगर, नफ़रत का कुछ मसाला तो दे !
वक़्त के साथ क्यों टूट जाते हैं अटूट रिश्ते,
कोई रिश्ता तोड़ने से पहले, सबब का हवाला तो दे !